Apple India Revenue: सितंबर में नए आईफोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही ऐप्पल ने भारत में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. कंपनी ने पहली बार भारत में सालाना 10 बिलियन डॉलर (लगभग 95,000 करोड़ रुपये) की बिक्री का आंकड़ा पार किया है. यह दिखाता है कि कैसे भारत ऐप्पल के लिए सबसे तेजी से बढ़ती हुई मार्केट्स में से एक बना हुआ है. गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ग्राहकों के बीच प्रीमियम स्मार्टफोन की डिमांड बढ़ी है और उसका सीधा फायदा ऐप्पल को हो रहा है. रेवेन्यू के अलावा मैन्युफैक्चरिंग के हिसाब से भी भारत ऐप्पल के लिए एक अहम स्थान बन चुका है. भारत में स्थित 5 प्लांट ऐप्पल के लिए आईफोन प्रोड्यूस कर रहे हैं. आइए ऐप्पल की इस बिक्री के पीछे के कारणों को विस्तार से समझते हैं.
भारत में पहली बार छुआ 10 बिलियन डॉलर का आंकड़ा
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च, 2026 में खत्म हुए फिस्कल ईयर में भारत में ऐप्पल का रेवेन्यू 10 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया था. भारत में पहली बार ऐप्पल ने यह आंकड़ा छुआ है. पिछले साल के मुकाबले इस साल भारत में ऐप्पल के रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. एक साल पहले ऐप्पल की भारत में सेल करीब 9 बिलियन डॉलर की थी, जो 2025-26 में बढ़कर 10 बिलियन डॉलर को पार कर गई. बता दें कि अभी तक कंपनी की तरफ से इस पर कोई ऑफिशियल टिप्पणी नहीं की गई है.
बिक्री में आईफोन का सबसे ज्यादा हिस्सा
ऐप्पल की कुल बिक्री में आईफोन का सबसे बड़ा हिस्सा है. यह दिखाता है कि कैसे भारत में आईफोन के लिए क्रेज बढ़ता जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा हिस्सा आईफोन का है, जबकि आईपैड और मैकबुक की बिक्री में भी इजाफा देखा जा रहा है. ऐप्पल के प्रोडक्ट्स दूसरी कंपनियों से महंगे होते हैं. इसे देखते हुए कंपनी ट्रेड-इन प्रोग्राम्स, स्टूडेंट डिस्काउंट और बैंक कैशबैक ऑफर के जरिए ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रही है. इन ऑफर के तहत ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाता है और अपग्रेड के लिए देख रहे लोगों के लिए महंगे आईफोन और दूसरे ऐप्पल प्रोडक्ट्स एक्सेसिबल हो जाते हैं.
भारत बन रहा है बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब
ऐप्पल के लिए भारत सिर्फ एक मार्केट नहीं रहा है बल्कि यह एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब भी बनते जा रहा है. 2025 के मध्य में भारत ने अमेरिका में भेजे जाने वाले आईफोन के प्रोडक्शन के मामले में चीन को पछाड़ दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर चार में से एक आईफोन अब भारत में बन रहा है. बड़े प्रोडक्शन प्लांट के अलावा भारत में ऐप्पल के करीब 40 छोटे-बड़े सप्लायर हैं. चीन पर अपनी निर्भरता खत्म करने के लिए ऐप्पल तेजी से भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर की संख्या बढ़ा रही है.
रिटेल स्टोर भी बढ़ा रही ऐप्पल
चीन जैसी बड़ी मार्केट में ऐप्पल को स्थानीय कंपनियों से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है, जिस कारण उसकी सेल में कमी देखने को मिल रही है. ऐसे में अमेरिका से बाहर भारत एक तेजी से बढ़ती हुई मार्केट बनती जा रही है. यही वजह है कि ऐप्पल भारत में अपनी रिटेल प्रेजेंस भी बढ़ा रही है. भारत में अब कंपनी के छह रिटेल आउटलेट खुल चुके हैं. इसके अलावा कई प्रीमियम रिसेलर्स भी मौजूद हैं.
कीमत बढ़ने की संभावना से तेज हुई बिक्री
पिछले कुछ समय से एंड्रॉयड कंपनियां एक के बाद एक लगातार अपने फोन महंगे करती जा रही हैं. नए फोन बढ़ी हुई कीमतों पर लॉन्च हो रहे हैं और लॉन्च हो चुके फोन भी महंगे किए जा रहे हैं. ऐप्पल ने भी कुछ समय पहले कई मैकबुक और आईपैड मॉडल्स की कीमतों में एक लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की थी. उसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि मौजूदा आईफोन 17 सीरीज को महंगा किया जा सकता है और सितंबर में लॉन्च होने वाले आईफोन 18 प्रो मॉडल्स भी महंगे दामों पर लॉन्च होंगे. इन कयासों के बीच लोगों ने प्राइस हाइस से बचने के लिए तेजी से आईफोन खरीदने शुरू कर दिए, जिससे बिक्री में उछाल आया है.
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