Air Cooler Tips: अब गर्मी में जैसे-जैसे पारा चढ़ता जाएगा, कूलर की जरूरत बढ़ती जाएगी. झुलसा देने वाली गर्मी और लू से बचाने में कूलर का कोई जवाब नहीं है, लेकिन यह भी तभी काम कर पाएगा, जब कूलर के कूलिंग पैड को सही समय पर चेंज कर दिया जाए. अगर कूलिंग पैड खराब होने लगे हैं तो यह कूलिंग नहीं दे पाएगा और बाहर चल रही लू को ही यह कमरे के अंदर फेंकने लगेगा. इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कूलिंग पैड कब चेंज कर लेने चाहिए.

Continues below advertisement

कब बदलने चाहिए कूलिंग पैड?

कूलर में आजकल घास वाले पुराने पैड और नए हनीकॉम्ब स्टाइल पैड्स आने लगे हैं. ये दोनों ही कितने चलेंगे, ये इस पर निर्भर करता है कि आप कूलर में कौन-सा पानी यूज कर रहे हैं. अगर आप कूलर में मीठा पानी यूज कर रहे हैं तो घास वाली जाली आराम से 2-3 महीने चल जाएगी, वहीं हनीकॉम्ब पैड भी 2-3 साल चल जाएंगे, लेकिन अगर आप कूलर में खारा पानी डालते हैं तो ये जल्दी ब्लॉक हो जाते हैं. खारा पानी यूज करने पर घास वाले पैड्स लगभग हर महीने और हनीकॉम्ब स्टाइल पैड हर साल बदलने पड़ेंगे.

Continues below advertisement

धूल-मिट्टी और प्रदूषण

अगर आप ज्यादा धूल-मिट्टी और प्रदूषण वाली जगह पर रहते हैं तो कूलिंग पैड्स जल्दी ब्लॉक हो सकते हैं. दरअसल, कूलर ज्यादातर समय कमरे से बाहर रखे होते हैं और ये बाहर वाली हवा को ही खींचकर कमरे में कूलिंग देते हैं. ऐसे में अगर बाहर धूल-मिट्टी या प्रदूषण ज्यादा है तो ये जल्दी ब्लॉक हो सकते हैं. ब्लॉक होने पर इनसे हवा ठीक तरीके से पास नहीं हो पाएगी और कमरे में कूलिंग नहीं हो पाएगी. 

कहां रखना चाहिए कूलर?

अगर आप ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं तो कमरे के अंदर कूलर रखा जा सकता है, वहीं अगर आप फर्स्ट, सेकंड या ऊपर के फ्लोर पर रहते हैं तो दरवाजे या खिड़की के पास कूलर रखें. इससे ज्यादा कूलिंग मिल पाएगी. साथ ही कमरे में वेंटिलेशन का इंतजाम भी रखें. हवा के पास होने से ज्यादा कूलिंग मिलती है.

ये भी पढ़ें-

सस्ता टेम्पर्ड ग्लास सेफ्टी नहीं टेंशन देगा, यहां जान लें इसके कई बड़े नुकसान