1-2-10 Rule For Screens: कई लोग दिनभर स्क्रीन में घुसे रहते हैं. लैपटॉप पर काम करते-करते बोर हो जाएंगे और फोन देखना शुरू कर देंगे. फोन देखकर मन भर जाएगा तो टीवी चला लेते हैं. कई लोग तो टीवी देखने के साथ-साथ फोन भी देख रहे होते हैं. लगातार स्क्रीन के आगे रहने से आंखों पर असर पड़ता तय है. लगातार स्क्रीन के आगे रहने से सिरदर्द और नजर के कमजोर होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए आज हम आपको 1-2-10 का नियम बताने जा रहे हैं, जो आपको इन दिक्कतों से बचा सकता है.
क्या है 1-2-10 का नियम?
यह नियम बड़ा आसान है. इसे याद रखने के साथ-साथ फॉलो करना भी मुश्किल वाला काम नहीं है. यह नियम कहता है कि आपके फोन की स्क्रीन आंखों से कम से कम 1 फुट, डेस्कटॉप या लैपटॉप की स्क्रीन 2 फुट और टीवी स्क्रीन 10 फुट दूर होनी चाहिए. इससे स्क्रीन के कारण आंखों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है. अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं और वो टीवी, फोन या लैपटॉप को एकदम पास से देखते हैं तो उन्हें यह नियम समझाया जा सकता है. इसकी मदद से वो जान पाएंगे कि कौन-सा डिवाइस कितनी दूरी से देखना है.
स्क्रीन को एकदम पास से देखने के क्या नुकसान?
अगर आप स्क्रीन को एकदम पास से देखते हैं तो इसके कई नुकसान है. इससे एस्थेनोपिया हो सकता है, जो सिरदर्द और धुंधली नजर का कारण बन सकता है. इसके अलावा अगर आप एकदम पास से स्क्रीन पर नजर गड़ाए रहते हैं तो आखें कम झपकते हैं. इससे आंखों में सूखापन आ सकता है. लंबे समय तक अगर यह स्थिति बन रहती है तो स्क्रीन की तरफ देखना मुश्किल हो जाता है.
स्क्रीन की ब्राइटनेस से भी पड़ता है फर्क
अगर आप दिन के कई घंटे फोन की स्क्रीन पर बीता रहे हैं तो इसकी ब्राइटनेस का आपकी आंखों पर सीधा असर पड़ता है. इसलिए अगर आप फोन को अंधेरे में यूज कर रहे हैं तो स्क्रीन ब्राइटनेस को कम कर लें. हर बार आप इसे कम या ज्यादा करना भूल जाते हैं तो ऑटो-ब्राइटनेस का फीचर आपके काम आएगा. इसी तरह अंधेरे में आप डार्क मोड को भी यूज कर सकते हैं. यह टेक्स्ट को व्हाइट और बैकग्राउंड को ब्लैक कर देता है, जिससे कम ब्राइटनेस के बावजूद स्क्रीन को देखना आसान हो जाता है.
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