भगवान की शंकर की नगरी वाराणसी (काशी) में लोग इन दिनों गर्मी, उमस और तपिश से बेहाल हैं, जून के अंतिम सप्ताह में अब वाराणसी के लोगों की उम्मीद आसमान पर टिकी हुई है. महीनों से तपिश गर्मी और चिलचिलाती धूप से बेहाल काशी अच्छी बारिश की आस लगाए बैठी है. इस बार मानसून लेट हैं और लोगों की माने तो गर्मी ऐसी पड़ी है जिसने आम जनजीवन पशु पक्षियों सबको बेहाल कर दिया है. हालांकि, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि जून के अंतिम सप्ताह में पूर्वांचल में बारिश हो सकती है.

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दरअसल, गर्मी पड़ने के मामला में उत्तर प्रदेश का वाराणसी देश के टॉप-10 शहरों में शामिल रहा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार गर्मी ने यहां सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया. आमतौर पर वाराणसी में मानसून तीसरे सप्ताह तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार मानसून लोगों को निराश कर रहा है.

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जून के अंतिम सप्ताह पूर्वांचल में बारिश का अनुमान

हालांकि, जून के महीने में हल्की-फुल्की बौछारों को छोड़ दिया जाए तो इस बार बारिश के लिए तरसते नजर आए हैं. हालांकि, मौसम वैज्ञानिक की माने तो जून के अंतिम सप्ताह में वाराणसी सहित पूर्वांचल में बारिश हो सकती है लेकिन अभी तक इसकी कोई आहट नहीं देखी जा रही है, जो चिंता का विषय है.

वाराणसी में 40 के पार पारा

IMD रिपोर्ट की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में काशी का अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार है. प्रचंड गर्मी के अलावा धूप भी लोगों के तन मन को प्रभावित कर रहा है .ऐसे में अब काशी की सारी उम्मीद आसमान पर टिकी हुई है. आस्था के साथ-साथ काशी अपनी परंपराओं से भगवान इंद्र को मनाने में जुटी है. वैसे जून के अंतिम सप्ताह में अगर बारिश नहीं होती है तो निश्चित ही जनपद में यह समय सूखे की शुरुआत को दर्शाने वाला होगा.

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