उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अस्सी क्षेत्र में जगन्नाथ कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है. अब यहां के प्राचीन विरासत को एक नई पहचान मिलने वाली है. हालांकि निर्माण कार्य के अलावा एक और विषय भी इस दौरान चर्चा में है. दरअसल, वाराणसी के जगन्नाथ कॉरिडोर ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व एमएलसी और बाहुबली छवि वाले बृजेश सिंह हैं. उनकी देखरेख में ही यह पूरा कॉरिडोर बनकर तैयार होगा. 

Continues below advertisement

लेकिन इसी बीच एक वायरल वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है की बृजेश सिंह पर आरोप है कि दबंगई के आधार पर वहां से कुछ लोगों को हटाया जा रहा है. जबकि इस पर ट्रस्ट की तरफ से साफ किया गया है कि यह दबाव बनाकर धन उगाही करने का एक माध्यम है .सभी लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए समर्थन किया है. 

यह भी पढ़ें: Mahoba News: ट्रिपल मर्डर में हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दी फांसी की सजा, सिलबट्टे से कुचलकर की थी हत्या

Continues below advertisement

त्राहिमाम त्राहिमाम करते गुहार लगाने पहुंच गए

बीते दिनों वाराणसी के जिला मुख्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक हिंदू संगठन के नेतृत्व में कुछ लोग त्राहिमाम त्राहिमाम करते प्रशासन के पास मदद की गुहार लगाने पहुंच गए . उनका कहना है कि वह वाराणसी के अस्सी क्षेत्र में बनाए जा रहे जगन्नाथ कॉरिडोर में पहले से रहते थे, लेकिन उन्हें डराया धमकाया जा रहा है. इसलिए उनको एक व्यवस्थित जगह रहने के लिए दिया जाए. इसमें सबसे प्रमुख बात यह रही की जगन्नाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य करा रहे ट्रस्ट के अध्यक्ष बृजेश सिंह पर यह आरोप लगाया गया. 

सभी के समर्थन और सहयोग से बन रहा है मंदिर

जगन्नाथ ट्रस्ट के सचिव शैलेश त्रिपाठी ने आरोप पर जवाब देते हुए कहा कि सभी के सहयोग और समर्थन के साथ भव्य रूप में मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है. वह लोग जो पहले समर्थन में थे अब वह खुद इस प्रकार का आरोप लगाकर दबाव बनाते हुए धन उगाही करना चाहते है. जबकि यहां पर नियुक्त पुजारी को  सभी सुविधाएं और व्यवस्थाएं प्रदान की जा रही हैं. 

इस कॉरिडोर के निर्माण से काशी के पर्यटन और आध्यात्म को एक नई ऊंचाई मिलेगी और इसको काशी का पूरा समर्थन मिला है. लेकिन सिर्फ किसी का नाम लेकर ऐसे निराधार आरोप लगाना गलत है. 

यह भी पढ़ें: Mathura News: गीता प्रवचन के नाम पर महिलाओं का रेप करता था 'आध्यात्मिक गुरु' अभिषेक, आरोपी गिरफ्तार