साल के अंतिम दिनों में महादेव की नगरी वाराणसी में पर्यटकों की भीड़ ने सभी को हैरान कर दिया है. वर्तमान समय में पुलिस प्रशासन द्वारा मिली जानकारी के अनुसार सामान्य से करीब 10 गुना अधिक भीड़ काशी में देखी जा रही है. वहीं अब नए साल के अवसर पर लोग शिमला गोवा के बजाय भगवान विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने उनकी नगरी काशी पहुंच रहे हैं और यही वजह है की इस वर्ष काशी में सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे हैं.
वाराणसी टूरिज्म एसोसीएशन के डॉ. अजय सिंह की तरफ से एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार, 4 महीने पहले सांस्कृतिक शहर काशी का पर्यटन क्षेत्र सुस्त पड़ गया था, लेकिन साल के अंतिम सप्ताह में जनपद के ज्यादातर होटल लॉज पूरी तरह बुक नजर आ रहे हैं.
श्री काशी विश्वनाथ धाम श्रद्धालुओं की अपार आस्था का केंद्र
वाराणसी टूरिज्म एसोसीएशन के अनुसार, महाकुंभ के आंकड़ों को मिला दिया जाए तो काशी में 2025 के दौरान आने वाले पर्यटकों श्रद्धालुओं की संख्या 15 करोड़ के पार है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. पूरे उत्तर भारत में एक शहर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में सबसे ज्यादा काशी में पर्यटक आए हैं. वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, नमो सहित अन्य गंगा घाट, सारनाथ, श्रीसंकट मोचन मंदिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर ऐसे तमाम जगहों पर पर्यटक जाना पसंद कर रहे हैं.
दोपहर से ही गंगा आरती देखने बैठ जा रहे हैं लोग
वाराणसी के गंगा घाट पर होने वाले विश्व प्रसिद्ध आरती को देखने के लिए इस समय भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं . स्थिति यह है कि शाम 6:00 बजे होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए लोग दोपहर 1:30 बजे ही निर्धारित स्थान पर बैठ जा रहे हैं. शहर के खानपान पारंपरिक पोशाक वाले जगह, इसके अलावा काशी की गलियों गंगा घाट पर लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा है.
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