उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में देहरादून एसएसपी अजय सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. देहरादून एसएसपी के बयान ने इस केस को नई दिशा दे दी है. एसएसपी अजय सिंह ने नस्लीय भेदभाव की वजह से हत्या की बात से इनकार किया है.
इस घटना को लेकर देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने कहा है कि 6 युवक पार्टी के लिये आये थे. 6 लोग में से एक मणिपुर का निवासी था, ये लोग बातचीत कर रहे थे. बातचीत के दौरान आपस में लडाई हुआ और मारपीट हो गयी.
नस्लीय विवाद में हत्या की बात से इनकार
एसएसपी ने अपने बयान में कहा है कि एक अभियुव्त अभी भी फरार है. उन्होंने कहा कि नस्लीय टिप्पणी को लेकर कोई घटना नहीं हुई है. अभी जांच चल रही है. मेडिकल रिपोर्ट आ गई है. घटना के शिकायत 24 घंटे बाद आई था जो अभियुक्त यहां थे सबको गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि एक अभियुक्त नेपाल निकल गया था, जो अभी फरार है.
सीएम धामी ने मृतक के पिता से की बातचीत
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मृतक छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात की. मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने एंजल चकमा के पिता को बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले में एक आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है. यह भी बताया कि सरकार की ओर से आरोपी पर इनाम घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री ने मृतक के पिता को भरोसा दिलाया कि घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी. सरकार पूरी तरह के पीड़ित परिवार के साथ है. पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला 9 दिसंबर की शाम है. 9 दिसंबर की शाम जिग्यासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर के छात्र एंजेल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ किराना स्टोर गए थे. इसी दौरान नशे में धुत कुछ युवकों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की.
छात्र के विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी. आरोपियों ने छात्र पर चाकूओं से हमला कर घायल कर दिया, जिससे शुक्रवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. हालांकि, अब गौर करने वाली बात यह है कि देहरादून पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी में छात्र की हत्या की बात से इनकार कर दिया है.