उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण का विरोध करना स्थानीय व्यापारियों के लिए भारी पड़ गया. दरअसल वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर वाराणसी दालमंडी में शुरू किए गए चौड़ीकरण कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में 30 अज्ञात और 2 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है. बीते दिनों व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच नोंकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा.
चौड़ीकरण के विरोध में स्थानीय व्यापारियों के साथ ही महिलाओं और बच्चों ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. उनका आरोप था कि प्रशासन को चौड़ीकरण के लिए कोई और तरिका इजाद करना था.यही नहीं प्राधिकरण पर मनमाने तरीके से कार्रवाई का आरोप भी लगाया था.
अधिकारियों से उलझना पड़ गया भारी
एबीपी लाइव को मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत चौक थाने में दी गई तहरीर के आधार पर 30 अज्ञात और दो नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है. विभाग का कहना है कि इनके द्वारा सरकारी काम में बाधा उत्पन्न किया जा रहा था, जबकि दालमंडी में सौंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण का कार्य सुगम मार्ग के लिए किया जा रहा है. माना जा रहा है कि प्रशासन ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है कि अगर आगे भी कोई सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई तय है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
मंगलवार के दिन वाराणसी के दालमंडी में पहुंची VDA पीडब्ल्यूडी और पुलिस प्रशासन की स्थानीय व्यापारियों से तीखी नोकझोंक की तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी. इस दौरान महिलाओं ने भी मकान ध्वस्तीकरण का विरोध किया था. फिलहाल देखना होगा कि दालमंडी चौड़ीकरण के लिए चिन्हित किए गए 187 मकान पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है. उधर इस मामले में अभी किसी राजनीतिक दल या व्यापारी संगठन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.