उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीते हफ्तों से प्रदूषण ने आम जनजीवन को बेहाल करके रख दिया है. धुंध की चादर के साथ-साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों ने भी लोगों को हैरान कर दिया है. विशेष तौर पर वाराणसी के शहरी क्षेत्र में अब बिना मास्क के चलना शरीर को मुसीबत में डालने के बराबर हो चुका है. हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. वैसे मौजूदा स्थिति को देखकर अभी भी राहत के कोई असर नहीं है.

हवा में प्रदूषण की बड़ी वजह PM2.5 और PM10 का लेवल नहीं सुधरना है. हवाएं बेहद सुस्त चलना एक बड़ा कारण है. मौसम विभा के मुताबिक दिसम्बर के पहले सप्ताह तक स्थिति सुधरने की सम्भावना है.

प्रदूषण की चपेट में वाराणसी का शहरी क्षेत्र

ABP Live को मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स वर्तमान समय में 378 बताया जा रहा है. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाराणसी में प्रदूषण की क्या स्थिति है. अर्दली बाजार, भेलूपुर  वाराणसी का सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र बताया जा रहा है. दम घोंटू हवा में आज भी लोग जीने को मजबूर हैं. सबसे हैरानी की बात की लोग इस दूषित हवा में भी हर दिन अपने कामकाज के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं और सड़कों पर आवागमन करते नजर आ रहे हैं. वाराणसी के सड़कों पर हजारों की संख्या में आवागमन करती गाड़ियां और अलग-अलग क्षेत्र में होने वाले कंस्ट्रक्शन, निर्माण कार्य सहित मौसम में होने वाले परिवर्तन भी प्रदूषण का प्रमुख वजह बताया जा रहा है. और निश्चित ही बहुत जल्द इस प्रदूषण से निजात के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को ठोस निर्णय लेना पड़ेगा.

हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह का अनदेखा करना पड़ेगा भारी

मौसम में परिवर्तन के अलावा बढ़ते प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. विशेष तौर पर जनरल फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन के यहां मौजूदा समय में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है. अब देखना होगा कि बढ़ते प्रदूषण से लोगों को कब तक निजात मिलता है.