दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पूरे राज्य में अलर्ट मोड पर आ गई है. इसी क्रम में मुज़फ्फरनगर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया है. पुलिस टीमें घर-घर जाकर किरायेदारों, बाहर से आकर नौकरी या मजदूरी करने वालों तथा नए बसे लोगों का पूरा विवरण जुटा रही हैं.
सत्यापन के दौरान पुलिस सभी लोगों से आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र मौके पर चेक कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई संदिग्ध व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर इलाके में तो नहीं रह रहा है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सुरक्षा कारणों से बेहद ज़रूरी है.
दो संदिग्ध गिरफ्तार किए गए
हाल ही में बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ चुके दो युवकों शामली निवासी आज़ाद और लखीमपुर निवासी सोहेल को संदिग्ध गतिविधियों के चलते एटीएस ने गिरफ्तार किया था. इस घटना के बाद से खुफ़िया एजेंसियाँ भी लगातार मदरसे में जांच कर रही हैं. इसी के मद्देनज़र अब पूरे जनपद में सत्यापन अभियान को और तेज कर दिया गया है.
शुक्रवार को पुलिस ने नगर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र खालापार में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया. पुलिस टीमों ने इलाके में किराए पर रहने वालों, नए लोगों और बाहरी जनपद के कामगारों की डिटेल दर्ज की और दस्तावेज़ों की जांच की.
संदिग्धों को तलाशने का अभियान जारी
सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि अभियान डीआईजी सहारनपुर के निर्देश और एसएसपी मुज़फ़्फरनगर के नेतृत्व में चलाया जा रहा है. उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई संदिग्ध, अपराधी या अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्ति जिले में पनाह न ले सके. अब तक किए गए सत्यापन में कोई संदिग्ध व्यक्ति सामने नहीं आया है. उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई नया व्यक्ति किराए पर रहता है या इलाके में आता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि विधिवत सत्यापन कराया जा सके.