उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार 01 सितंबर दोपहर 1:42 बजे से लेकर 02 सितंबर दोपहर 1:42 बजे तक राज्य में आपदा का खतरा बढ़ सकता है. 

इस दौरान देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, चंपावत और ऊधमसिंहनगर जिलों के कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर में खतरनाक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

आकाशीय बिजली गिरने और तूफान की संभावना 

मौसम विभाग ने मसूरी, ऋषिकेश, लक्सर, रुड़की, रामनगर, कोटद्वार, खटीमा, चकराता और लैंसडाउन जैसे पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया है. इन जगहों पर तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तूफान जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. 

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के चलते सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना है, जबकि मैदानी जिलों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है.

लोगों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

भारी बारिश से राज्य के संवेदनशील इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से निचले इलाकों में खतरा बढ़ेगा. 

वहीं, तीर्थयात्रा और पर्यटन स्थलों पर आने वाले यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मसूरी और ऋषिकेश जैसे लोकप्रिय स्थलों पर भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा, जिससे आवाजाही बाधित हो सकती है.

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें. खतरे वाले क्षेत्रों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए अलर्ट का पालन करें. आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और जिलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

राज्य सरकार ने भी नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. फिलहाल लोगों से आग्रह किया गया है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें. मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 24 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं.