देहरादून में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले संगठित रैकेट के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एसटीएफ ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक तरीकों से अभ्यर्थियों को नकल कराने में शामिल था. इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने आरोपी ईश्वरी प्रसाद, जो इंद्रजीत शर्मा और इंदर के नाम से भी जाना जाता है, को देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित सेंट जॉन अकादमी से गिरफ्तार किया. आरोपी दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है और लंबे समय से इस रैकेट से जुड़ा हुआ था.

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आरोपी के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ को आरोपी के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं. इनमें एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, दो इंटरनेट राउटर, 14 मिनी ब्लूटूथ डिवाइस और उनके रिसीवर, एक सिम बॉक्स, 20 बैटरियां और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं. 

इसके अलावा कुछ फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी इन उपकरणों को सेंट जॉन अकादमी की लैब में स्थापित करने की तैयारी कर रहा था, ताकि आगामी परीक्षा में उनका इस्तेमाल किया जा सके.

देहरादून में तैयार किया था नकल कराने का पूरा सेटअप

जांच में यह भी सामने आया है कि 13 फरवरी को आयोजित SSC की मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा के दौरान इसी आरोपी ने देहरादून के एमकेपी परीक्षा केंद्र में नकल कराने के लिए पूरा सेटअप तैयार किया था. उसने सर्वर रूम, परीक्षा लैब और यहां तक कि एक भूमिगत कक्ष तक तैयार किया था, जहां से अभ्यर्थियों को तकनीकी मदद पहुंचाई जाती थी.

एसटीएफ के हत्थे अब तक चढ़े 4 अपराधी

एसटीएफ ने अब तक इस मामले में ईश्वरी प्रसाद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि यह केवल एक केंद्र तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि अन्य स्थानों पर भी इसी तरह से सर्वर को प्रभावित कर नकल कराई जा रही थी.

सेंट जॉन अकादमी परीक्षा केंद्र की गई सील

इस कार्रवाई के बाद सेंट जॉन अकादमी परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है. उल्लेखनीय है कि इस केंद्र को 18 मई को होने वाली SSC कांस्टेबल (GD) ऑनलाइन परीक्षा के लिए भी नामित किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी SSC के क्षेत्रीय निदेशक को भी दे दी गई है.

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी नवंबर 2025 में आयोजित SSC की अन्य परीक्षाओं में भी नकल के मामलों में वांछित था. इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और योजनाबद्ध तरीके से परीक्षाओं की निष्पक्षता को प्रभावित कर रहा था.

फिलहाल, एसटीएफ पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके.

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