उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का सपना अब जमीन पर साकार होता दिखाई दे रहा है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला रामनगर अब शादियों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. नए साल की शुरुआत के साथ ही यहां डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है और फरवरी, मार्च व अप्रैल के तीन महीने स्थानीय कारोबारियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं माने जा रहे हैं.

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रामनगर में अलग-अलग लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि इस साल बाहर से आने वाले लोग यहां शादियां करने पर पहले से कहीं ज्यादा खर्च कर रहे हैं. अनुमान के अनुसार, यहां डेस्टिनेशन वेडिंग का बजट 15 लाख रुपये से शुरू होकर 2 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है. आलीशान रिसॉर्ट, प्राकृतिक खूबसूरती, जंगल का रोमांच और आधुनिक सुविधाएं रामनगर को शादी के लिए बेहद आकर्षक बना रही हैं.

अलग-अलग राज्यों से आकर लोग कर रहे शादियां

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग रामनगर आकर शादियां कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर परिवार अपने बजट के अनुसार आयोजन कर रहा है-किसी का बजट 15-20 लाख रुपये है तो कोई 1 से 2 करोड़ रुपये तक खर्च कर रहा है.

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हरि सिंह मान के मुताबिक, फरवरी, मार्च और अप्रैल शादी के लिए सबसे बेहतर महीने माने जाते हैं और इस दौरान जिम कॉर्बेट के आसपास स्थित अधिकांश रिसॉर्ट पूरी तरह बुक रहते हैं. उन्होंने कहा कि अब यह कहना गलत नहीं होगा कि रामनगर शादियों का हब बन चुका है.

डेस्टिनेशन वेडिंग से स्थानीय लोगों को फायदा

डेस्टिनेशन वेडिंग के इस बढ़ते चलन का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है. शादियों में बैंड-बाजा बजाने वाले साबिर अली बताते हैं कि इन तीन महीनों में उनकी अच्छी-खासी कमाई हो जाती है, जिससे वह साल भर अपने परिवार का खर्च चला पाते हैं. उनका कहना है कि पहले साल भर काम के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब शादी के सीजन में ही इतनी आमदनी हो जाती है कि आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है.

वहीं, शादियों में डीजे का काम करने वाले राहुल का कहना है कि फरवरी से अप्रैल तक का समय उनके लिए सबसे बेहतरीन होता है. इन तीन महीनों में उनकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है. इसके अलावा कैटरिंग, फूलों की सजावट, फोटोग्राफी, लाइटिंग, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय दुकानदारों को भी इस वेडिंग सीजन से बड़ा लाभ मिल रहा है.

पीएम मोदी ने की थी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की कल्पना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की जो परिकल्पना की गई थी, वह अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के आसपास हो रही शादियां न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं.

हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान

यदि अनुमान लगाया जाए तो आने वाले तीन महीनों में रामनगर और उसके आसपास हजार करोड़ रुपये से अधिक का वेडिंग कारोबार हो सकता है. स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ेगा, जिससे रामनगर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन में अपनी मजबूत पहचान बना लेगा.