Uttrakhand Politics: उत्तराखंड में सियासी घमासान जारी है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर तीखा हमला बोला है. हरक सिंह ने भट्ट की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाते हुए उन्हें अनुभवहीन और अपरिपक्व बताया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'बंदर के सिर पर टोपी रख दो तो वह नाचने लगता है.' उनके इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है
हरक सिंह रावत ने महेंद्र भट्ट के 'सड़कछाप' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भट्ट को पद मिल गया है, लेकिन उनमें अनुभव और समझ का अभाव है. उन्होंने कहा, 'महेंद्र भट्ट की स्थिति ऐसी है जैसे किसी बंदर के सिर पर टोपी रख दी जाए तो वह इतराने लगता है.' हरक सिंह का कहना था कि जब व्यक्ति को पद या सत्ता मिल जाती है तो उसका दिमाग चकरा जाता है और वह अपनी औकात भूल जाता है.
कांग्रेस नेता ने अपने राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वे 1992 में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बने थे, तब उनकी उम्र मात्र 27 साल थी. उस समय सचिव स्तर के अधिकारी भी उन्हें 'सर-सर' कहकर संबोधित करने लगे थे. इससे उनका भी दिमाग खराब हो गया था. लेकिन जब 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद सरकार चली गई, तो उन्हें अपनी वास्तविक स्थिति का एहसास हुआ. उन्होंने बताया कि सरकार जाते ही सरकारी ड्राइवर भी उन्हें कल्याण सिंह की कोठी पर छोड़कर चला गया और वे टैक्सी लेकर घर लौटे थे.
हरक सिंह रावत ने कहा कि सत्ता और पद मिलना क्षणिक होता है. उन्होंने भट्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा और अनुभवहीन नेताओं को जब अचानक बड़ा पद मिल जाता है तो वे अहंकार में आ जाते हैं. उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. उनका कहना था कि राजनीति में परिपक्वता जरूरी है, अन्यथा व्यक्ति 'बंदर के सिर पर टोपी' जैसी स्थिति में आ जाता है
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल को निराशाजनक करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे मंत्रियों में अनुभव की कमी है, जिसका असर नीतियों और प्रशासनिक कामकाज पर साफ दिखाई देता है. रावत ने आरोप लगाया कि सरकार के अनुभवहीन मंत्रियों के कारण विधानसभा के भीतर और बाहर का माहौल खराब हो रहा है.
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उन्होंने आरोप लगाया कि धामी सरकार ने जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी में समय गवां दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक मामले सामने आए, लेकिन सरकार युवाओं को न्याय नहीं दिला पाई. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार लाखों युवाओं को रोजगार देने का दावा कर रही थी, लेकिन हकीकत यह है कि एक भी व्यक्ति की नौकरी नहीं लग पाई
जनता धामी सरकार के कार्यकाल से निराश- हरकहरक सिंह रावत ने आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, परिवहन विभाग और वन विभाग में उपनल के माध्यम से लगे कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर कर दिया, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई. रावत ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसमें मानवीय दृष्टिकोण का पूरी तरह अभाव है.
उन्होंने कहा कि सरकार न तो युवाओं को रोजगार देने में सक्षम रही और न ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाई. उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में सरकार ने लीपापोती कर दी और असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया
हरक सिंह रावत ने दावा किया कि प्रदेश की जनता धामी सरकार के कार्यकाल से निराश हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री केवल बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा
हरक सिंह रावत के इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. महेंद्र भट्ट पर 'बंदर के सिर पर टोपी' वाला तंज बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है. अब देखना होगा कि बीजेपी इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है और इस सियासी घमासान का चुनावी असर कितना पड़ता है.
