उत्तराखंड में राज्य सरकार ऑपरेशन कालनेमि चला रही है. इसके अंतर्गत अभी तक 134 फर्जी बाबा गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें उधम सिंह नगर जिले में सर्वाधिक 66 फर्जी बाबा गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि हरिद्वार में 45 और देहरादून में 23 बाबा को जेल भेजा गया है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर पुलिस ने उत्तराखंड में लगातार तीसरे दिन भी ऑपरेशन कालनेमि जारी रखा. इस दौरान प्रदेश भर में लगभग 134 फर्जी बाबा गिरफ्तार किए गए हैं. देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने एबीपी लाइव को बताया कि शनिवार (12 जुलाई) को मुख्यमंत्री के आदेश पर जिलेभर में अभियान चलाया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों में कई व्यक्ति पकड़े गए. इनमें से 10 बाहरी व्यक्ति गिरफ्तार हुए.

फर्जी बाबाओं की पहचान करने के आदेश

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति में से एक बांग्लादेशी भी शामिल था. यह सभी जन भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे और ठगी का कारोबार चल रहे थे. वहीं, सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे बाबाओं की पहचान करने के आदेश दिए गए हैं जो साधु संत के भेष में लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं.

विशेषकर महिलाओं से ठगी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं. केवल देहरादून में ही अभी तक 48 ऐसे फर्जी बाबा गिरफ्तार किया जा चुके हैं जो लोगों से ठगी का काम कर रहे थे.

कोई तहरीर मिली तो केस भी होगा दर्ज

पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया था वह सभी लोग निजी मचल के पर छूट गए हैं एसएसपी देहरादून ने बताया कि इनको भारतीय संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया था. शांति व्यवस्था के लिए पुलिस को गिरफ्तारी की शक्ति संविधान में प्रदान की है. यदि आरोपियों के खिलाफ अपराध में कोई तहरीर मिली तो केस भी दर्ज होगा.

66 सस्पेक्ट पीर फकीरों को किया गया गिरफ्तार

वहीं बात करें उधम सिंह नगर की तो ऑपरेशन करने में के तहत 66 सस्पेक्ट पीर फकीरों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर कथित आपराधिक प्रवृत्ति और आमजन को ठगने के आरोप है. इन पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है. स्ट मुनीकरण मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने ऐसे कई पीर फकीरों को चिन्हित किया जो सीमावर्ती जिलों से आकर अवैध गतिविधियों में लिप्त है इन सभी के खिलाफ कार्यवाही की गई है.

शहर और देहात क्षेत्र के लिए दो टीम की है गठित

हरिद्वार में मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार चलाए जा रहे हैं. ऑपरेशन कालनेमि में के तहत पुलिस ने लगभग 45 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया है. इन पर आम जान की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ का आरोप है. एसएसपी प्रवीण सिंह डोभाल ने शहर और देहात क्षेत्र के लिए दो टीम गठित की है. इनमें से सीओ से लेकर सिपाही तक शामिल है. यह सभी टीम सीधे एसपी को रिपोर्ट कर रही है और जो भी क्षेत्र में फर्जी बाबा पीर फकीर दिखाई दे रहे हैं उन्हें पड़कर स्थानीय चौकिया में लाया जा रहा है, अब तक 45 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

बता दें कि प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत प्रदेश के उन तमाम फर्जी पीर फकीरों को संतो को पकड़ने का काम शुरू किया है, जो लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं या फिर उनसे ठगी का काम कर रहे हैं. ऐसी कई शिकायतें पूर्व में भी मिल चुकी हैं जो संतों के भेष में लोगों के साथ धोखाधड़ी सम्मोहन कर उनके गहने छीनना या फिर उनके साथ यौनाचार करने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं.