Dehradun News: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक मामले में अभी भले ही एसटीएफ 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हो, लेकिन पूरी संभावनाएं हैं कि कई बड़े मगरमच्छ अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं. ऐसे में अब एसटीएफ परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में जानकारी लेगी. माना जा रहा है कि परीक्षा नियंत्रक से पूछताछ में कई अहम सबूत एसटीएफ को मिल सकते हैं. क्योंकि परीक्षा कराने में परीक्षा नियंत्रक की अहम भूमिका होती है.
परीक्षा नियंत्रक की होती है अहम भूमिकाएसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक से पेपर लीक मामले में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि परीक्षा नियंत्रक सेवानिवृत्त हो चुके हैं. बता दें कि परीक्षा की प्रक्रिया, पेपर प्रिंट करने की जिम्मेदारी, सीसीटीवी फुटेज आदि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, परीक्षा नियंत्रक से ही एसटीएफ को मिल सकती है. दिसंबर में जिन परीक्षा नियंत्रक की देखरेख में ये परीक्षा हुई थी वो सेवानिवृत हो चुके हैं. अब एसटीएफ उनसे ही इसके बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश में लगी हुई है.
अभी तक आउटसोर्स कंपनी के दो कर्मचारी अरेस्टअभी तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जिसमें से परीक्षा कराने वाली आउटसोर्स कंपनी के दो कर्मचारी भी अरेस्ट हुए हैं. इसमें बड़ा खुलासा ये हुआ है कि तीनों की पाली के पेपर आउट हुए थे. जो की काफी गंभीर मसला है. एसटीएफ के लिए ये बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अगर तीनों पालियों के पेपर लीक हुए हैं तो कोई अन्य कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकता है. इसके अलावा एसटीएफ इस बारे में भी जानकारी जुटा रही है कि आउटसोर्स कंपनी के अन्य राज्यों में क्या कनेक्शन हैं. एसटीएफ ये भी जानकारी जुटा रही है कि, क्या आउटसोर्स कंपनी अन्य राज्यों में भी परीक्षाएं करा रही है.
ये भी पढ़ें:-
