कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के पदों के लिए जारी चुनाव में मतदान करने से रोकने के लिए पार्टी के कुछ पंचायत सदस्यों के अपहरण का आरोप लगाया तथा उच्च न्यायालय का रुख करके इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. इस संबंध में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की.
मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध करने से पहले, मुख्य न्यायाधीश गुहानाथन नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महारा की पीठ ने जिला प्रशासन को कथित रूप से अपहृत पंचायत सदस्यों को पेश करने के लिए शाम 4:30 बजे तक का समय दिया था, जिन्हें जिला अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनावों में मतदान करना था.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुईं डीएम
हालांकि, जब जिला प्रशासन ऐसा करने में विफल रहा, तो नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश हुईं और कहा कि वह राज्य निर्वाचन आयोग से सोमवार को जिले में पदों के लिए पुनर्मतदान कराने का अनुरोध करेंगी.
खंडपीठ ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में लापता पांच सदस्यों में से चार को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. खंडपीठ ने कहा कि इसमें देखा जा सकता है कि उन्हें मतदान केंद्र के पास से जबरदस्ती घसीटकर ले जाया जा रहा है.
लापता सदस्यों के परिजनों ने सौंपी आरोपियों की सूची
कुछ लापता जिला पंचायत सदस्यों के परिजनों ने भी अपने अपहरण के दावे के समर्थन में दस्तावेज़ पेश करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया. उन्होंने उन दस आरोपियों की सूची भी सौंपी, जिन्होंने कथित तौर पर सदस्यों का अपहरण किया था.
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद सिंह मीणा भी अदालत में पेश हुए. उन्हें वीडियो में दिख रहे वर्दीधारी पुलिस अधिकारी और लापता व्यक्तियों के परिजनों की शिकायत दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने वोट देने जा रहे कांग्रेस के छह से सात जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करने का प्रयास किया. इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य तथा हल्द्वानी से विधायक सुमित ह्रदयेश के बीच हाथापाई भी हुई.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस मूक दर्शक बनी रही. इस पूरी घटना को यशपाल आर्य के फेसबुक पेज पर लाइव दिखाया गया. कांग्रेस उम्मीदवार पुष्पा नेगी ने दावा किया कि झड़प के दौरान उनके पति पर भी हमला किया गया और कई कांग्रेस सदस्यों के कपड़े फाड़ दिए गए. नेता प्रतिपक्ष आर्य, विधायक हृदयेश, भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक संजीव आर्य और अन्य कांग्रेस नेता स्थिति की निगरानी करने के लिए मौके पर मौजूद रहे.
बीजेपी उत्तराखंड यूनिट के अध्यक्ष ने की कांग्रेस की आलोचना
दूसरी तरफ, देहरादून में भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नैनीताल में 'शांतिपूर्ण ढंग से जारी' मतदान में कथित तौर पर व्यवधान उत्पन्न करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की.
उन्होंने कहा, 'आज नैनीताल में शांतिपूर्ण तरीके से जारी मतदान के दौरान कांग्रेस के गुंडों ने एक गिरोह के रूप में हुड़दंग करने का प्रयास किया. मैं इसकी घोर भर्त्सना करता हूं. मैं हैरान हूं कि नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक वहां क्या कर रहे थे.'