उत्तराखंड के हरिद्वार में कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने बिजली विभाग के अधिकारियों के आवास की बिजली काट दी. वीरेंद्र जाती ने अपनी विधानसभा झबरेड़ा में लंबे समय से हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर ये कदम उठाया. उन्होंने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद जब बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो वो ख़ुद ही मैदान में उतर गए. 

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झबरेड़ा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने पहले बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो वह सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे. हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. 

बिजली कटौती से परेशान होकर उठाया कदम

इसके बाद मंगलवार सुबह विधायक वीरेंद्र जाती अपने समर्थकों के साथ सीधे बिजली विभाग के अधिकारियों के आवासों पर पहुंचे और वहां की बिजली आपूर्ति कटवा दी. विधायक ने इस दौरान कहा कि जब आम जनता को सुबह अंधेरे में दिन की शुरुआत करनी पड़ रही है, तो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी उसी स्थिति का सामना करना चाहिए. 

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कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के की जा रही बिजली कटौती जनता के साथ अन्याय है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दूसरी तरफ अचानक हुई कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया.  जिसके बाद अधिकारी तुरंत हरकत में आए और स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू कर दी. 

विधायक के एक्शन पर जनता ने जताई खुशी

पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा तेज हो गई है. स्थानीय लोगों ने विधायक के इस कदम का खुलकर समर्थन किया और इसे साहसिक कार्रवाई बताया. लोगों का कहना है कि पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्या को इतनी मजबूती से उठाया है.

फिलहाल विधायक वीरेंद्र जाती का यह एक्शन झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. अब देखना यह होगा कि इस सख्त कदम के बाद बिजली विभाग अघोषित कटौती पर रोक लगाता है या फिर लापरवाही का सिलसिला आगे भी जारी रहता है. जनता की नजरें अब विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.  

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