Chamoli Glacier Burst Highlights: चमोली एवलांच में फंसे 4 मजदूर अभी भी लापता, 50 श्रमिकों को निकाला बाहर, 4 की मौत
Uttarakhand Glacier Burst Highlights: उत्तराखंड चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर काम कर रहे मजदूर एवलांच की वजह से दब गए थे. 50 मजदूरों को अब तक निकाला गया है. हालांकि रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही है.
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Uttarakhand Glacier Burst Highlights: उत्तराखंड में निर्माणाधीन चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया है. यहां बर्फबारी के बाद बर्फ में हाईवे का काम करने वाले 50...More
चमोली एवलांच में फंसे 5 मजदूरों के लापता होने की जानकारी थी, लेकिन जिन लापता मजदूरों के लिए रेस्क्यू हो रहा है उसमें से एक मजदूर सुनील कुमार बिना बताए छुट्टी लेकर घर चला गया था, उनके परिवार ने पुष्टि की है कि वे घर पहुँच गए हैं. अब एवलांच में फंसे 4 मजदूर लापता हैं.
उत्तराखंड की गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद अनिल बलूनी ने शनिवार को बताया कि चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है. स्थानीय प्रशासन, बीआरओ, सेना और आईटीबीपी की टीमें मिलकर काम कर रही हैं.
अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, उत्तराखंड में चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन में फंसे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के श्रमवीरों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. मैं जिलाधिकारी के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन, बीआरओ, सेना और आईटीबीपी की टीम से राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर लगातार संपर्क में हूं. सांसद ने अंत में लिखा, घायल श्रमवीरों की शीघ्र रिकवरी में सहयोग के लिए मैंने माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की है ताकि कोई भी जरूरत हो, उसे जल्द से जल्द मुहैया कराया जा सके.
चमोली एवलांच में लापता 5 मजदूरों के नाम सामने आ चुके हैं. जिसमें से हिमाचल प्रदेश के दो मजूदर सुनील कुमार, हरमेश चंद, उत्तर प्रदेश का एक मजदूर अशोक कुमार और उत्तराखंड के दो मजूदर अनिल कुमार और अरविंद कुमार सिंह हैं.
चमोली एवलांच की घटना पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा, "वहां 55 मजदूर फंसे थे, जिनमें से 50 को बचा लिया गया है और 5 मजदूरों के लिए तलाशी अभियान जारी है. आज मुख्यमंत्री वहां गए थे, एक मजदूर की हालत बहुत गंभीर थी उसे एयरलिफ्ट कर एम्स में भर्ती कराया गया है. उसकी हालत स्थिर है, तलाशी अभियान जारी है."
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से हादसे में फंसे हुए व्यक्तियों की सुरक्षा और राहत कार्य के लिए परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष द्वारा आज की माँ गंगा आरती उन सभी को समर्पित की. इस अवसर पर चिदानंद मुनि महाराज ने हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और फंसे हुए लोगों की जल्दी और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए गंगा माँ से प्रार्थना की.
अभी भी माणा का रास्ता खुल नहीं पाया है, जेसीबी बर्फ हटाने का काम कर रही है. 5 लापता मजदूरों की तलाश के लिए दिल्ली से GPR यानी (Ground Penetrating Radar) आज रात 10 बजे तक जौली ग्रांट हवाई अड्डा देहरादून पहुंचने की संभावना है. रेस्क्यू आपरेशन में 5 चेतक हेलीकॉप्टर और 1 प्राइवेट हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है. एक घायल को एयर एंबुलेंस के द्वारा ऋषिकेश एम्स लाया गया है.
चमोली DM संदीप तिवारी ने माणा एवलांच पर कहा, "55 में से 50 लोग मिल गए हैं, उनमें से 24 को इलाज के लिए जोशीमठ लाया गया. जो 5 लोग लापता हैं उनके लिए ITBP, NDRF, सेना लगातार सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है."
चमोली एवलांच हादसे के एक घायल को ऋषिकेश एम्स में एयर एम्बुलेंस से लाया गया है. इस घायल युवक को ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया है.
चमोली हादसे के घायलों का ऋषिकेश AIIMS में इलाज होगा. इसके लिए ऋषिकेश एम्स से एयर एम्बुलेंस रवाना हो गई है, चमोली हादसे में घायलों को लेने यह एयर एम्बुलेंस गई है. चमोली से ऋषिकेश एम्स घायलों को लाया जायेगा, वहीं ऋषिकेश एम्स की तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
चमोली एवलांच में फंसे मजदूरों के लिए अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. राहत व बचाव कार्य में जुटी टीमों ने अब तक 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. चार मजदूरों की मौत हो गई है और वहीं एक मजदूर की तलाश जारी है. दो मजदूरों को ऋषिकेश एम्स रेफर किया जा रहा है. 22 मजदूर बद्रीनाथ धाम में आईटीबीपी और सेना कैम्प में सुरक्षित हैं और 5 मजदूर अभी भी पूरी घटना में लापता हैं.
पीआरओ डिफेंस, देहरादून के लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि राहत कार्य लगातार जारी है. सेना और अन्य एजेंसियों की मदद से मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. लापता मजदूर की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी सुरक्षित निकालने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. चमोली जिले में हिमस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं. इस बीच, प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है और ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.
उत्तराखंड के चमोली एवलांच हादसे में 50 मजदूरों का रेस्क्यू किया गया है. इन 50 मजदूरों में से 4 की मौत हो गई है. बाकी सभी मजदूरों का इलाज जारी है. वहीं 5 लोगों की तलाश की जा रही है.
उत्तराखंड के चमोली हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है. वहीं 49 लोगों का जिंदा रेस्क्यू हो गया है. वहीं अभी 5 की तलाश की जा रही है. रेस्क्यू के बाद 2-3 लोगों की हालत गंभीर है. उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
हिमस्खलन बचाव अभियान पर चमोली डीएम संदीप तिवारी ने कहा, "अभी तक 49 लोगों को सकुशल बहार निकाला गया है और 27 लोगों को हमने जोशीमठ के अस्पताल में लेकर आए हैं सभी की स्थिति स्थिर है. बचाव अभियान जारी है."
उत्तराखंड सरकार द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि 55 में से 49 बीआरओ का रेस्क्यू सुरक्षित कर लिया गया है. बचे हुए 6 मजदूरों को बचाने के लिए अभियान जारी है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "घटनास्थल पर 8 कंटेनर थे, जिनमें से 5 का पता लगा लिया गया है. आज सुबह बचाए गए 14 लोग भी एक कंटेनर में थे. शेष तीन कंटेनरों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है."
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 23 से ज़्यादा लोगों को इलाज के लिए जोशीमठ पहुंचाया गया है. कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन ज्यादातर लोग ठीक हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 200 से अधिक लोग बचाव अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं. इसमें सेना, ITBP के जवान, NDRF, BRO, आपदा प्रबंधन के लोग शामिल हैं. सभी काम कर रहे हैं.
आईटीबीपी कमांडेंट विजय कुमार ने कहा कि डीआईजी जमीन पर काम कर रहे हैं इसलिए मुझे उम्मीद है कि शाम तक अच्छी खबर आएगी. बचाए गए सभी 47 लोग जोशीमठ अस्पताल में भर्ती हैं.
आईटीबीपी कमांडेंट विजय कुमार ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि उन्हें आज शाम तक बचा लिया जाएगा. उम्मीद है कि वे सुरक्षित और स्वस्थ होंगे. आईजी पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन, सेना और SDRF की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं.
आईटीबीपी के कमांडेंट विजय कुमार ने कहा कि 55 लोग फंसे हुए थे. इसमें से 47 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है. घायलों में से 2-3 लोगों की हालत काफी नाजुक है. वो सभी अभी जिंदा हैं लेकिन उन्हें सिर में चोट लगी हुई है.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार ही पर्यटक उत्तराखंड की अपनी यात्रा का शेड्यूल बनाएं. फिलहाल हाई एटीट्यूट पर चल रहा है. सभी कामों को रोकने के लिए बोला गया है. गुमशुदा 7 मजदूरों को खोजने की कोशिश की जा रही है, जो लोग बाहर निकाले गए हैं उनमें से कुछ लोग गंभीर हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में चल रहे बचाव अभियान का निरीक्षण करने के बाद IT पार्क स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की.
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने चमोली हिमस्खलन पर कहा, "यह बहुत दुखद है और मैं सरकार से मांग करता हूं कि बचाव कार्य बहुत जल्दी और सावधानी से किया जाना चाहिए, ताकि हमारे सभी श्रमिकों को बचाया जा सके. चाहे श्रमिक उत्तर प्रदेश के हों, उत्तराखंड के हों या कहीं के भी हों, श्रमिक, श्रमिक होते हैं जिन्होंने हमेशा इस देश के निर्माण और विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है, हम भी उनके साथ सहानुभूति रखते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनकी जान बच जाए और बचाव कार्य बहुत प्रभावी ढंग से हो."
उत्तराखंड में माणा के निकट हुए हिमस्खलन के कारण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के फंसे श्रमिकों के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. भारतीय सेना ने 14 और श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम को आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए.
शनिवार को मौसम साफ होने पर बचाव अभियान में हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी ने बताया कि माणा में तैनात सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने सुबह बचाव अभियान फिर से शुरू किया. अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल ने 14 और श्रमिकों को बर्फ से बाहर निकाला जबकि बाकी आठ की तलाश जारी है, जो 24 घंटे से अधिक समय से फंसे हुए हैं.
बचाव कार्य के दौरान सबसे बड़ी समस्या भारी बर्फबारी रही, जिससे 30 किलोमीटर लंबे रास्ते पर बर्फ जमा हो गई. इस कारण जोशीमठ से भेजी गई एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई. उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि हिमस्खलन वाले इलाके में करीब सात फीट तक बर्फ जमी हुई है. इसके बावजूद, 65 से अधिक बचावकर्मी ऑपरेशन में जुटे हुए हैं.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घायल बीआरओ श्रमिकों से मुलाकात की, जिन्हें माणा हिमस्खलन स्थल से बचाया गया और उन्हें सेना अस्पताल में इलाज के लिए जोशीमठ लाया जा रहा है.
रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार सुबह से ही जारी था, लेकिन शाम 6 बजे अंधेरा होने के कारण इसे रोकना पड़ा. शनिवार सुबह 7:30 बजे बचाव कार्य दोबारा शुरू किया गया. बर्फ में दबे मजदूरों को निकालने के लिए सेना और आईटीबीपी की टीम लगातार जुटी हुई है. शुक्रवार रात को निकाले गए मजदूरों को सेना के कैंप में प्राथमिक इलाज दिया गया, अबतक 6 गंभीर रूप से घायल मजदूरों को हेलिकॉप्टर से ज्योर्तिमठ स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुंचे. जिन BRO कर्मियों को बचाया गया है, उनमें से 3 का जोशीमठ के आर्मी अस्पताल में इलाज चल रहा है, अब तक फंसे हुए कुल 55 बीआरओ कर्मियों में से 47 को बचा लिया गया है.
उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास शुक्रवार सुबह एक बड़ा हिमस्खलन (बर्फीला तूफान) आया, जिससे सड़क निर्माण कार्य में लगे 55 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए. सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमों ने अब तक 47 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि 8 मजदूर अब भी लापता हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 47 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से एक मजदूर की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है. इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर संज्ञान लेते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, "आज सुबह से ही काम फिर से शुरू हो गया है. जोशीमठ में हमारी मेडिकल टीम तैयार है. उनके पास सभी जरूरी दवाइयां हैं. सेना, ITBP, BRO, NDRF, SDRF, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं."
चमोली हिमस्खलन पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दुर्घटना के दौरान जो वहां लोग फंसे हैं उन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. हम उत्तराखंड सरकार से लगातार संपर्क में हैं. ईश्वर से हम प्रार्थना करते हैं सभी को सकुशल घर वापस लाए.
चमोली हिमस्खलन घटना पर एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक और सीईओ मीनू सिंह ने कहा, "हमारे लिए बहुत चिंता की बात है. ऐसी खबर है कि उस घटना में बहुत से मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. कुछ मरीज को बॉर्डर संस्थान में भर्ती कराया गया है हम उनके संपर्क में हैं. हम पूरी तरह से तैयार हैं. जरूरत अगर पड़ी तो हम वहां से मरीजों को यहां ला सकते हैं हम मरीजों को एयरलिफ्ट कर लेंगे. हमारी टीम सब चीजों के लिए तैयार हैं जब भी जरूरत पड़ेगी तो हम मरीजों का इलाज करेंगे."
चमोली हिमस्खलन घटना पर भारतीय सेना के ब्रिगेडियर एमएस ढिल्लों ने कहा, "भारतीय सेना ने पूरी रात बचाव अभियान चलाया. भारतीय सेना की एक टुकड़ी ने हिमस्खलन में फंसे 14 और लोगों को बचाया. उन्हें इलाज के लिए ले जाया जा रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर है."
चमोली हिमस्खलन घटना पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि सभी फंसे हुए श्रमिकों को सकुशल जल्द बाहर निकाला जाए. उसके लिए हर संभव प्रयास चल रहे हैं. पीएम मोदी ने फोन पर सभी जानकारी ली है और हर संभव का उन्होंने आश्वासन दिया है. हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि सभी को जल्द बाहर निकाला जाए. 14 लोग मिले है सभी सकुशल है जल्द ही बचे लोगों को निकाला जाएगा."
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली के आपदा प्रभावित क्षेत्र माणा के लिए रवाना हुए. सीएम धामी के साथ गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे भी रवाना हुए हैं. वहां सीएम घायल मजदूरों से मुलाकात करेंगे.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री ने फोन पर बात कर जनपद चमोली के माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान प्रधानमंत्री जी ने केंद्र सरकार की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया."
चमोली डीएम संदीप तिवारी ने कहा कि अब तक कुल 47 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है जिनमें एक व्यक्ति की हालत नाजुक है और आठ लोग अभी भी लापता है जिनकी तलाश की जा रही है.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हेलीपैड तैयार होने के बाद बचाव और राहत कार्य में और तेजी आएगी. लगातार बर्फबारी के कारण रात में बचाव कार्य रोक दिया गया था. बचाव और राहत दलों को कोई खतरा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए रात में ऑपरेशन रोक दिया गया था.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, "भारतीय वायुसेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर है, मौसम साफ होते ही यह यहां पहुंच जाएगा. जोशीमठ में मौसम साफ हो रहा है. हम माणा के पास एक हेलीपैड बना रहे हैं, क्योंकि हमारा हेलीपैड बर्फ से ढका हुआ है. बर्फ हटाने का काम जारी है.
तीन घायलों को सैन्य अस्पताल जोशीमठ पहुंचाया गया है. हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है. इन घायलों की हालत गंभीर है और इनका रेस्क्यू कल ही कर लिया गया था.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि कल तक 55 में से 33 लोगों को बचाया गया. शेष 22 लोगों के लिए बचाव और राहत कार्य चल रहा है. 200 से ज्यादा लोगों को मौके पर (बचाव कार्य के लिए) भेजने की तैयारी है. चार हेलीकॉप्टर काम कर रहे हैं. जरूरत पड़ने पर और सुविधाएं ली जाएंगी.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, "वहां पर मौसम लगातार खराब चल रहा है. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कल दो बार कंट्रोल रूम का भ्रमण किया . उन्होंने हर चीज पर विस्तृत जानकारी ली. बचाव और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं."
एसडीआरएफ में अलर्ट जारी किया गया है. यदि घायलों को एम्स ऋषिकेश लाया जाता है तो इसके लिए ढालवाला की टीम को अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस महानिदेशक रिधिम अग्रवाल ने कहा कि हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू के लिए तीन टीमों को जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किया गया है. मौसम ठीक होने पर टीमें घटनास्थल के लिए रवाना होंगी. टीम में दक्ष जवानों को भेजा गया है.
गोचर और सहस्रधारा में आठ-आठ लोगों की दो टीमों और जौलीग्रांट मुख्यालय में बटालियन की दस लोगों की एक टीम को तैनात किया गया है. इन टीमों को सेटेलाइट फोन और बर्फ में रेस्क्यू के लिए जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किया गया है.
चमोली पुलिस ने 28 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा में हुए हिमस्खलन में फंसे 55 श्रमिकों के नामों की सूची जारी की. राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार 33 श्रमिकों को बचा लिया गया है. वहां 55 श्रमिक थे.
चमोली के माणा में हुए हिमस्खलन को देखते हुए एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट से अलर्ट जारी करते हुए तीन हाई एल्टीट्यूट रेस्क्यू टीमों को जौलीग्रांट, सहस्रधारा और गोचर में तैनात कर दिया गया है. जो मौसम साफ होने पर हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू उपकरणों के साथ उड़ान भरेंगी.
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने माना कि बचाव काम चुनौतीपूर्ण है क्योंकि हिमस्खलन स्थल के पास सात फुट तक बर्फ जमी हुई है. हालांकि, उन्होंने बताया कि बचाव अभियान में 65 से अधिक कर्मचारी लगे हुए हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार सीएम आवास से चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. वे वहां मौजूद अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सूची के अनुसार फंसे हुए मज़दूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों से हैं. सूची में 10 मजदूरों के भी नाम हैं, लेकिन उनके राज्यों का नाम नहीं बताया गया है.
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने यहां बताया कि बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हुई हिमस्खलन की घटना में पहले 57 मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली थी लेकिन अब स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि दो मजदूरों के छुट्टी पर होने के कारण मौके पर 55 मजदूर थे.
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि पहले सूचना मिली थी कि हिमस्खलन में 57 लोग फंसे थे, लेकिन अब तक के अपडेट के अनुसार कुल 55 श्रमिक ही फंसे हैं, जिसमें से दो श्रमिक छुट्टी पर गए थे. उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे तक 32 श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया था और देर रात एक और श्रमिक को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इस प्रकार अब तक कुल 33 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 22 श्रमिकों की खोजबीन जारी है.
शुक्रवार दोपहर को करीब 2 बजे सीएम धामी ने पहले भी यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का दौरा किया था और राहत कार्यों की समीक्षा की थी. रात के समय एक बार फिर से उन्होंने कंट्रोल रूम में पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और जिलाधिकारी से पल-पल की जानकारी ली. सीएम ने कहा कि शनिवार सुबह युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे और हर एक श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
शनिवार को ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का जायजा लेने की योजना बनाई गई है. इसके साथ ही सीएम धामी ने हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के साथ ही यूकाडा के हेलीकॉप्टरों और निजी हेलीकॉप्टरों को भी अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया है.
सीएम धामी ने जिलाधिकारी को युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाने का आदेश दिया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि किसी भी हाल में श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित करने का निर्देश भी दिया.
सीएम धामी ने आर्मी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन, यूकाडा, वायुसेना और अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव कार्यों का अवलोकन किया और जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से विस्तार से अपडेट लिया. इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि फंसे हुए सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा के पास हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य सरकार के समग्र राहत और बचाव अभियान की समीक्षा की. सीएम धामी ने सभी संबंधित एजेंसियों को युद्ध स्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. शुक्रवार शाम करीब 8.5 बजे मुख्यमंत्री फिर से यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने माणा के पास हुए हिमस्खलन के बाद राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया.
चमोली एवलांच में फंसे मजदूरों के नाम भी सामने आए हैं, जिसमें सबसे अधिक मजदूर यूपी और बिहार से हैं. हादसे में फंसे मजदूरों के नाम और उनके राज्यों की सूची इस प्रकार है.
1. अभिनाश कुमार – बिहार
2. अरविंद कुमार सिंह – उत्तराखंड
3. दिलेर सिंह – जम्मू-कश्मीर
4. राम सुजन सिंह – उत्तर प्रदेश
5. जगबीर सिंह – पंजाब
6. अभिषेक पंवार – उत्तराखंड
7. इंद्रजीत कुमार भारती – बिहार
8. अभिषेक आनंद – बिहार
9. धीरज कुमार पासवान – बिहार
10. नरेश बिष्ट – उत्तराखंड
11. मोहिंदर पाल – हिमाचल प्रदेश
12. मनोज भंडारी – उत्तराखंड
13. मुन्ना प्रसाद – बिहार
14. किसान कुमार – बिहार
15. सत्य प्रकाश यादव – उत्तर प्रदेश
16. पंकू – हिमाचल प्रदेश
17. अनिल कुमार – उत्तराखंड
18. दिलीप कुमार – बिहार
19. विपन कुमार – हिमाचल प्रदेश
20. पवन – उत्तर प्रदेश
21. मंजीत यादव – उत्तर प्रदेश
22. गोपाल दत्त जोशी – हिमाचल प्रदेश
23. सुनील कुमार – हिमाचल प्रदेश
24. लड्डू कुमार पंडित – बिहार
25. हरमेश चंद – हिमाचल प्रदेश
26. चंद्रभान सिंह – उत्तर प्रदेश
27. विजयपाल – बिहार
28. जीतेश कुमार – बिहार
29. आलोक यादव – उत्तर प्रदेश
30. गणेश राम आर्य – उत्तराखंड
31. पिंटू कुमार – बिहार
32. जितेंद्र सिंह – हिमाचल प्रदेश
33. जयहिंद्र प्रसाद सिंह – (राज्य की पुष्टि नहीं)
34. नरेश रजक – (राज्य की पुष्टि नहीं)
35. अशोक कुमार – उत्तराखंड
36. बलवंत सिंह समंत – उत्तराखंड
37. दीक्षित सिंह – उत्तराखंड
38. विजय कुमार – (राज्य की पुष्टि नहीं)
39. लक्ष्मण सिंह समंत – उत्तराखंड
40. अशोक – उत्तर प्रदेश
41. अनिल – उत्तराखंड
42. सुपारी – (राज्य की पुष्टि नहीं)
43. हरी बहादुर – (राज्य की पुष्टि नहीं)
44. नर बहादुर – (राज्य की पुष्टि नहीं)
45. नरेंद्र – (राज्य की पुष्टि नहीं)
46. जय शंकर – (राज्य की पुष्टि नहीं)
47. सूर्या – (राज्य की पुष्टि नहीं)
48. हरी कृष्णा – (राज्य की पुष्टि नहीं)
49. करण प्रसाद – (राज्य की पुष्टि नहीं)
50. सिंघा – (राज्य की पुष्टि नहीं)
51. महेंद्र – (राज्य की पुष्टि नहीं)
52. गोविंद सिंह – उत्तर प्रदेश
53. विवेक सिंह – उत्तर प्रदेश
54. सुखदेव – उत्तर प्रदेश
55. राजेंद्र सिंह – उत्तर प्रदेश
चमोली एलवांच में अब तक कुल 33 लोग बच्चा लिए गए हैं. 32 लोग अभी कुछ देर पहले तक बचाए गए थे. एक व्यक्ति कुछ देर पहले ही बचाया गया है, जिसकी जानकारी एबीपी को एक्सक्लूसिव उत्तराखंड के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी जी के द्वारा दी गई.
सीएम धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंच कर जनपद चमोली के माणा गांव के निकट हुए एलवांच की जानकारी प्राप्त की और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि अभी तक 32 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. शेष 25 लोगों को निकालने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर गतिमान है. सीएम धामी ने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश भर में जारी बारिश के बीच आईटी पार्क देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे. चमोली के माणा गांव के पास हुए एवलांच के साथ ही राज्य भर में जारी बारिश का ले रहे सीएम धामी ने अपडेट लिया. वहीं सीएम धामी कल शुरू होने वाले रेस्क्यू में शामिल होंगे.
चमोली एवलांच पर जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने कहा, "एवलांच में फंसे 57 मजदूरों में से 32 श्रमिकों को बचा लिया गया है." उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया, "शाम 5:00 बजे तक 32 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था. बाकी 25 लोगों को निकालने की प्रक्रिया जारी है. चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम से 6 किलोमीटर आगे एवलांच में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है."
एडीएम चमोली विवेक प्रकाश ने बताया की इन 32 लोगों को रेस्क्यू करके आई टी बी पी के माना कैंप में रखा गया है. कल सुबह रेस्क्यू आपरेशन फिर शुरू किया जाएगा.
एडीएम चमोली विवेक प्रकाश ने बताया की इन 32 लोगों को रेस्क्यू करके आई टी बी पी के माना कैंप में रखा गया है. कल सुबह रेस्क्यू आपरेशन फिर शुरू किया जाएगा.
चमोली एवलांच की चपेट में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मजदूर आए हैं. ये सब बीआरओ की कार्यदायी संस्था के मजदूर हैं. बताया जा रहा है कि मजदूर वहां कंटेनर में सो रहे थे, इसी दौरान कंटेनर के ऊपर हिमस्खलन हो गया.
चमोली हादसे में 32 लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, यह अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांडुकेश्वर से आगे रास्ता पूरी तरह से बर्फ की आगोश में है और रेस्क्यू टीम पांडुकेश्वर में रुकी हुई है.
भारी बर्फबारी के चलते आईटीबीपी ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है. आईटीबीपी के जवान माणा गांव में वापस अपने कैंप में लौट गए है. जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिस स्थान पर हिमस्खलन हुआ है वहां करीब आठ फीट तक बर्फ जम गई है. मौसम सामान्य होने पर फिर से रेस्क्यू चलाया जाएगा.
चमोली एवलांच बचाव अभियान पर NDRF के डीजी पीयूष आनंद ने कहा, "16 लोगों को निकाला गया है, NDRF की चार टीमें तैनात की गई हैं. केंद्रीय गृह मंत्री इस अभियान की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने मुझसे और DG ITBP दोनों से बात की है. हमारा ध्यान ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने पर है. गृह मंत्री ने हर जान बचाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं."
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद चमोली के माणा के निकट हुई हिमस्खलन की घटना के दृष्टिगत शासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए है. उत्तराखण्ड शासन द्वारा जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, उनमें मोबाईल नंबर- 8218867005, 9058441404, दूरभाष नंबर- 0135 2664315 और टोल फ्री नंबर- 1070 है.
चमोली एवलांच के बाद हो रहे बचाव अभियान पर ITBP कमांडेंट पीयूष पुष्कर ने कहा, "89-90 कर्मियों वाली ITBP की 23 बटालियन माणा में तैनात है. पिछले दो दिनों से इस क्षेत्र में मौसम खराब है. आज सुबह से ही इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो रही है. इस वजह से इस क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ है, जिससे वहां BRO कैंप को नुकसान पहुंचा है. अब तक 10 लोगों को बचाया जा चुका है. बचाए गए लोगों को मामूली या गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है."
चमोली एवलांच पर उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद सुमन ने कहा, "इलाके में लगातार बर्फबारी होने से हालात मुश्किल हैं. 65 लोगों की टीम बचाव अभियान में लगी हुई हैं. अब तक 10 लोगों को बचाया जा चुका है, फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है. हमने सेना के हेलीकॉप्टर की मांग की है. बचाए गए लोगों को माना में आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है."
चमोली एवलांच पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "बचाव अभियान जारी है. खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग नहीं किया जा सकता है. हम मजदूरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम और गृह मंत्री के कार्यालय हमारे संपर्क में हैं."
चमोली एवलांच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा "आज जोशीमठ (उत्तराखंड) के माना क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है. स्थिति के बारे में सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की. प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव प्रयास भी जारी हैं. सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं."
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान सीएम धामी ने चमोली में माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 47 मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की.
उत्तराखंड के चमोली में हुए एवलांच पर गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, DG ITBP और DG NDRF से बात की. हादसे में फँसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है. स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है. NDRF की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुँच रही हैं.
चमोली जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने माणा के सीमांत क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन कैंप के पास हुए हिमस्खलन पर कहा, "हमें सुबह हिमस्खलन की सूचना मिली थी कि वहां बर्फ हटाने का काम करने वाले BRO(सीमा सड़क संगठन) के लगभग 57 मजदूर फंस गए हैं. ITBP, BRO, आर्मी और पुलिस की टीम संगठित हो चुकी है. सभी लोग संपर्क में हैं. हम आशा करते हैं कि हमारी टीम जल्द वहां पहुंचेगी और हम अपना संचार स्थापित कर पाएंगे."
गढ़वाल सेक्टर के माणा गांव के पास जीआरईएफ कैंप पर हिमस्खलन हुआ. भारी बर्फबारी और मामूली हिमस्खलन के बावजूद भारतीय सेना की IBEX ब्रिगेड ने तेजी से बचाव अभियान शुरू किया. अब तक 10 कर्मियों को बचाया गया है और सेना द्वारा उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है. अतिरिक्त सैनिकों और उपकरणों को स्थान पर आगे भेजा जा रहा है.
उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एबीपी से बात करते हुए बताया कि मौसम काफी खराब है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन करने में दिक्कत आ रही है. हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द रेस्क्यू पूरा किया जाए लेकिन मौसम खराब होने के चलते हमारे हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं.
रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा चल सकता है, घटनास्थल पर जाने से कई किलोमीटर पहले तक भारी बर्फ होने के चलते रेस्क्यू टीम में नहीं पहुंच पा रही है. मौसम खराब होने के चलते हेलीकॉप्टर भी नहीं उड़ पा रहा है.
उत्तराखंड के चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर हुए हादसे को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गृह मंत्री अमित शाह से बात हुई है. सीएम धामी से गृहमंत्री अमित शाह ने इस हादसे पर पूरी जानकारी ली है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने BRO द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों के हिमस्खलन में दबने पर कहा, "BRO के 57 श्रमिक फंसे थे जिनमें से 16 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और बाकियों के लिए प्रयास चल रहे हैं. सभी प्रकार की तैयारियां कर ली गई हैं. हमारा आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सक्रिय है. जिला प्रशासन और हम स्वयं लगातार संपर्क में हैं और हमारा प्रयास है कि सभी को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए."
उत्तराखंड में एक बड़ा हादसा हो गया है. चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर काम कर रहे 57 मजदूर एवलांच में फंसे हैं, जिनमें से 16 लोगों को बचा लिया गया है. अभी भी 41 लोग बर्फ में दबे हैं. इनको निकालने की कोशिश की जा रही है. उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि लगातार कोशिश की जा रही है. इन तमाम लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की लेकिन मौसम खराब होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन ठीक से नहीं चल पा रहा है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया, "चमोली जिले के माणा गांव के पास BRO द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान कई श्रमिकों के हिमस्खलन में दबने का दुखद समाचार मिला. ITBP, BRO और अन्य बचाव दल द्वारा राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है. मैं भगवान बद्री विशाल से सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं."
इस सूचना के प्राप्त होते ही SDRF कमांडेंट के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए नजदीकी पोस्ट जोशीमठ से SI देवीदत्त बर्थवाल के नेतृत्व में SDRF टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं. साथ ही गौचर, सहस्रधारा और देहरादून पोस्ट पर हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को तैयार कर दिया गया है.
बद्रीनाथ धाम के पास माणा में एवलांच आने से कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना पर SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है. आपदा कंट्रोल रूम को चमोली से सूचना प्राप्त हुई कि श्री ब्रदीनाथ धाम के पास माणा में एवलांच आने से कुछ लोग फंसे हुए हैं.
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है. बंकरों को चेक किया जा रहा है. मौके पर आईटीबीपी की टुकड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंच चुकी है.
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