उत्तराखंड की चर्चित वन आरक्षी परीक्षा-2013 में हुई अनियमितताओं के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो पूर्व भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने राजाजी टाइगर रिजर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया की दोबारा जांच की मंजूरी दी है.
मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एच.के. सिंह के खिलाफ पुनः जांच के आदेश जारी किए हैं. साथ ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ अखिलेश तिवारी के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति प्रदान की है. यह मामला लंबे समय से लंबित था और हाल ही में शासन को प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर इसे फिर से खोला गया है.
2013 भर्ती में मिलीं थीं गड़बड़ियां
बताया जा रहा है कि 2013 में आयोजित वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं. परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी, चयन में पक्षपात और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था. प्रारंभिक जांच के दौरान कई दस्तावेजों और बयान में विसंगतियां मिली थीं, जिसके चलते शासन ने दोबारा जांच का निर्णय लिया है.
रंजन कुमार मिश्रा बने जांच अधिकारी
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) रंजन कुमार मिश्रा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्हें पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.
राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो.
सरकार के इस कदम से भ्रष्टाचार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है, चूंकि खुद सीएम धामी इस मामले में गम्भीरता से निगरानी कर रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कई पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है.