केंद्र सरकार द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपलब्धियों की नई कहानी लिखी है. जल शक्ति मंत्रालय द्वारा घोषित इन पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश के मीरजापुर को उत्तर जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित किया गया है, जबकि आगरा नगर निगम को सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय (ULB) श्रेणी में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार “हर घर जल, हर खेत को पानी” की नीति धरातल पर परिणाम दे रही है. 

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राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश की यह सफलता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है. डबल इंजन सरकार की योजनाएं जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बन चुकी हैं. मीरजापुर और आगरा की उपलब्धियां न केवल प्रदेश, बल्कि देश के लिए भी जल संरक्षण के नए मानक प्रस्तुत कर रही हैं.

मीरजापुर बना जल संचयन की मिसालउत्तर प्रदेश के मीरजापुर ने नार्थ जोन में बेस्ट जिले का खिताब अपने नाम किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में जिले में ‘जल जीवन मिशन’ और ‘अटल भू-जल योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलाशयों के पुनरुद्धार, नालों की खुदाई और सिंचाई क्षमता में वृद्धि संभव हुई. जनभागीदारी पर आधारित इन योजनाओं में पंचायतों से लेकर स्थानीय युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही. मीरजापुर के कई गांवों में वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणालियों और तालाबों की पुनर्जीवन योजना के कारण भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है.

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आगरा की स्मार्ट पहल: शहरी जल प्रबंधन में नया प्रयोगआगरा नगर निगम ने नवाचारी योजनाओं से जल संरक्षण के क्षेत्र में ‘स्मार्ट सिटी मॉडल’ प्रस्तुत किया है. नगर निगम द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकले पुनर्चक्रित जल का उपयोग पार्कों और औद्योगिक इकाइयों में किया जा रहा है. साथ ही, जल अपव्यय रोकने के लिए लीकेज ट्रैकिंग सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग आगरा को देश के अग्रणी शहरी निकायों में शामिल कर चुका है. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की पहल पर ‘हर घर नल योजना’ के तहत आगरा समेत कई शहरों में घर-घर पेयजल आपूर्ति में सुधार हुआ है. 

योजनाओं को धरातल पर उतारने में मिली सफलतायोगी सरकार ने साढे़ 8 वर्ष के कार्यकाल में जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने में सफलता प्राप्त की है. ‘हर घर जल’, ‘हर खेत को पानी’, ‘अटल भू-जल योजना’ जैसे सभी अभियानों की मॉनिटरिंग भी मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर की जाती है. राज्य के सभी 75 जिलों में जलाशयों के पुनरुद्धार, हैंडपंपों की पुनर्स्थापना, ग्रामीण घरों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति करने की प्रक्रिया जारी है. इसके साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक गांव का चयन किया जा रहा है, जहां 'पायलट प्रोजेक्ट’ के तहत 24 घंटे शुद्ध पेयजल की सुविधा तेजी से उपलब्ध कराई जा रही है. शुरुआती परीक्षण की सफलता के बाद सभी जिलों में धीरे-धीरे गांवों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे आने वाले समय में पूरे प्रदेश में इस 'पायलट प्रोजेक्ट’ मॉडल को लागू किया जाएगा. प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवन व संरक्षण का कार्य भी गतिमान है. सीएम योगी खुद कई अवसरों पर कह चुके हैं कि जल की एक-एक बूंद बहुत महत्वपूर्ण है. उनकी यही सोच आज उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है.

राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 की पृष्ठभूमिकेंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने मंगलवार को नई दिल्ली में विजेताओं की घोषणा की. पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी. इस वर्ष पुरस्कारों के लिए देशभर से 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 46 विजेताओं का चयन किया गया. इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन न केवल संख्यात्मक रूप से मजबूत रहा, बल्कि नीति, नवाचार और जनसहभागिता के आधार पर प्रभावी माना गया.