उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत शुरू की गई भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन 1064 के जरिए अब तक बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज की गई हैं. पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक के बाद विजिलेंस डायरेक्टर वी. मुरुगेशन ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 तक हेल्पलाइन पर 9,424 शिकायतें प्राप्त हुईं. इनमें से 8,005 नॉन-विजिलेंस एंगल की थीं, जिन्हें संबंधित विभागों को भेजा गया, जबकि 1,421 विजिलेंस एंगल की शिकायतों पर सीधी कार्रवाई की गई.

मुरुगेशन ने बताया कि इन तीन सालों में विजिलेंस ने शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 71 प्रतिशत सफलता दर हासिल की है. विजिलेंस एंगल की शिकायतों में से कई मामलों में ट्रैप की कार्रवाई की गई. अब तक कुल 79 ट्रैप ऑपरेशन किए गए, जिनमें 92 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए.

इनमें 13 राजपत्रित और 79 अराजपत्रित अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न अनियमितताओं के मामलों में 24 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें 7 राजपत्रित और 17 अराजपत्रित अधिकारी-कर्मचारी थे. यानी कुल मिलाकर अब तक 116 लोग भ्रष्टाचार मामलों में जेल जा चुके हैं, जिनमें 20 गजेटेड ऑफिसर भी शामिल हैं.

सबसे ज्यादा राजस्व विभाग की शिकायतें

विजिलेंस डायरेक्टर ने बताया कि हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पंचायती राज, विद्युत, स्वास्थ्य, परिवहन, कर, वन, शहरी विकास और आबकारी विभाग से जुड़ी रहीं. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, सहकारिता, समाज कल्याण, कृषि, महिला एवं बाल विकास और सैनिक कल्याण विभाग जैसे क्षेत्रों से भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं.

इस साल अब तक 331 शिकायतें मिलीं

साल 2025 की बात करें तो हेल्पलाइन पर अब तक 331 शिकायतें आई हैं. इनमें से 12 मामलों में ट्रैप कार्रवाई की गई और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. मुरुगेशन ने बताया कि जैसे ही रिश्वत की शिकायत मिलती है, एंटी करप्शन टीम तुरंत नियमानुसार ट्रैप की कार्रवाई करती है.

विजिलेंस ने अब तक 28 खुली जांच, 18 इन्वेस्टिगेशन और 76 ट्रैप केस दर्ज कर कार्रवाई की है. इनमें से कई मामलों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां 37 मामलों में सुनवाई पूरी हुई और 28 मामलों में दोषियों को सजा मिली. इस तरह विजिलेंस का सक्सेस रेट 71% रहा है.

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन

राज्य सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और आम जनता को राहत देने के लिए हेल्पलाइन 1064 को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा. वहीं विजिलेंस विभाग का दावा है कि आने वाले समय में और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी ताकि भ्रष्टाचार की जड़ें कमजोर हों.