Prayagraj News: कहते है कि अगर कुछ कर गुजरने की जिद हो रास्ते की रुकावट बाधा नहीं बन सकती हैं. एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया है. 50 न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने बेटी मिताली का मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम क्वालीफाई कराने के लिए खुद नीट की तैयारी में लग गए. दोनों ने एग्जाम क्वालीफाई कर लिया है. उनकी इस उपलब्धि की चर्चा चारो ओर है.


बेटी को प्रेरित करने दिया नीट एग्जाम  
डॉक्टर प्रकाश खेतान बताते हैं कि, वह अपनी 18 वर्षीय बेटी मिताली को मेडिकल के एंट्रेंस एग्जाम में प्रेरित करने के लिए डॉक्टर पिता ने नीट प्रवेश परीक्षा में दाखिला ले लिया और एग्जाम भी क्वालीफाई किया.डॉ प्रकाश खेतान की यह तरकीब पूरी तरह से कामयाब रही. बेटी ने पिता को पीछे छोड़ते हुए अधिक अंक हासिल कर मेडिकल में लिया दाखिला


नतीजों ने सबको चौंकाया
डॉक्टर प्रकाश खेतान ने नीट यूजी 2023 में बेटी के साथ प्रवेश परीक्षा दी थी.हालांकि 1992 में सीपीएमटी परीक्षा पास कर डॉक्टर बन गए थे. लेकिन 30 वर्षों के बाद बेटी को प्रेरित करने के लिए फिर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठे. बेटी और डॉक्टर पिता ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा दी. जून में जब नतीजे आए तो बेटी मिताली ने 90 फ़ीसदी से अधिक अंक हासिल किया. जबकि डॉक्टर प्रकाश खेतान ने 89 फ़ीसदी अंक हासिल किया


पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती- डॉ. खेतान
नीट की काउंसलिंग सितंबर के तीसरे हफ्ते तक जारी रही.लेकिन बेटी मिताली ने जुलाई में ही कर्नाटक के मणिपाल के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला ले लिया है. डॉक्टर खेतान का कहना है की पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है.ईमानदारी, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत से सफलता पाई जा सकती है.


डा० प्रकाश खेतान का कहना है कि अपनी बेटी के साथ ही तमाम दूसरे बच्चों को भी प्रेरणा देने के लिए उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने का फैसला किया था. उनके मुताबिक उम्र कभी संघर्ष व सफलता में आने नहीं आ सकती है और उन्होंने यही संदेश देने की कोशिश भी की है.