UP News: गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर खतरनाक हो गया है. शनिवार देर रात बस्ती स्थित पुरानी बस्ती के चार लोग कुसहा अंडरपास के गड्ढे में गिर गए. ये लोग रात होने के कारण गूगल मैप का सहारा लेकर घर जा रहे थे. रास्ता समझ नहीं पाने के कारण हादसे का शिकार हो गए. रात में सभी घायलों का लक्ष्मीपुर सीएचसी में इलाज कराने के बाद छोड़ दिया गया.गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर 19 स्थानों पर अंडरपास व ओवरब्रिज बन रहा है. करीब एक सप्ताह पहले भैया फरेंदा के पास कार ओवरब्रिज से गिर गई थी. 

वहीं तीन दिन पहले परमेसरापुर के पास एक व्यक्ति गिर कर घायल हुआ था. दो दिन पहले इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई. इधर शनिवार को हुए हादसे के कारण लोगों में दहशत है. इस रूट पर आने जाने के दौरान विशेष सावधानी की जरूरत है. बताया जा रहा है कि पुरानी बस्ती के रहने वाले जसविंदर सिंह, आकाश श्रीवास्तव, काजल आर्या, रोकिया नेपाल गए थे. वहां से सोनौली होकर घर जा रहे थे. हाईवे पर आगे बढ़े तो गूगल मैप का सहारा ले लिया. कुसहा के पास हुई घटना में कार्यदायी संस्था के कर्मी तुंरत मौके पर पहुंचे. जिसके बाद यहां से पुलिस लक्ष्मीपुर सीएचसी ले गई. बीच रास्ते में मिला गड्ढासोनौली से कुसहा के बीच की दूर 22 किमी है. यहां पर नहर का अडंर पास बन रहा है. वहां पर गड्ढा खोदकर फाउंडेशन बनाया जा रहा है. इसके पहले परमेसरापुर व गुलरिहा के बीच में ओरब्रिज का कार्य चल रहा है. इसी के पास डायवर्जन के लिए सर्विस रोड बना हुआ है. इसे पकड़कर सीधे गुलरिहां होकर कोल्हुई आना था, लेकिन गुलरिहा के बीच से कटकर अर्धनिर्मित पुल के नीचे से सीधे कुसहा के पास आकर नहर में गिर गए.

ये रोड गुलरिहा से लेकर बडहरा तक ठीक तरह से बन गया है. इसी वजह से कार सवारों को लगा यह रोड आगे तक ठीक होगी, लेकिन आगे आकर गड्ढे में नहर के पास बने रहे अंडरपास में गिर गए. गूगल मैप के सब कुछ ठीक न बताने की वजह से ये हादसा हो गया. एक हफ्ते पहले भी गिर गई थे कारगोरखपुर सोनौली राजमार्ग पर भैया फरेंदा निर्माणाधीन ओवरब्रिज से बीते रविवार की देर रात तेज रफ्तार कार गिर गई थी . चालक के अलावा कार में कोई नहीं था. यहां घटना के बाद डायवर्जन ठीक करने के बाद रास्ते को बैरिकेड किया गया. रात होने के कारण अनजाने में चालक निर्माणाधीन पुल पर चढ़ गया था. कार गोरखपुर जिले के जंगल रामगढ़ उर्फ चौरी के हारिश की थी. गोरखपुर से सोनौली हाईवे पर 19 स्थानों पर ओवरब्रिज बन रहा है. यहां सुरक्षा के मानकों पर नजर डाले तो गंभीरता नहीं दिखती है. जैसे तैसे औपचारिकता पूरी कर दी गई है. संकेतक लगे हैं, बैरिकेडिंग भी हुई है, लेकिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं. कोई स्वयं ही अनजाने में निर्माणाधीन ब्रिज पर कार लेकर चढ़ जा रहा है तो कोई गूगल मैप देखते हुए गड्ढ़े में गिर जा रहा है. 

 20 किमी के दायरे में करीब आठ ओवरब्रिज बन रहा है, लेकिन सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरती जा रही है. फरेंदा बाइपास पर ओवरब्रिज बन रहा है. यहां भी डायवर्जन ऐसे लगा है की थोड़ी सी चूक हो गई तो कोई भी निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर चढ़कर आगे जाने पर दुर्घटना का शिकार हो जाएगा. यहीं हाल भैया फरेंदा के पास था, लेकिन यहां बीते सप्ताह दुर्घटना होने के बाद पूरे रास्ते को बैरिकेड कर दिया गया है.  यहां के रहने वाले बीरेंद्र का कहना है कि प्रशासन को लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है. कार्यदायी संस्था की ओर से मनमाने ढंग से संकेतक लगाकर खानापूर्ती की गई है.