यूपी के गाजीपुर में होटल व्यवसायी के बेटे विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी कमलेश चौधरी के एनकाउंटर के बाद अब पूरा मामला जातीय सियासत में बदल गया है. एनकाउंटर के एक दिन बाद अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस पर हमले और पथराव से इलाके में तनाव पसरा है.

Continues below advertisement

मामले में 29 मई को विनीत राय की हत्या के बाद 30 मई को FIR दर्ज हुई. 2 जून को पुलिस ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और 3 जून को कमलेश चौधरी का एनकाउंटर कर दिया गया. 4 जून को अंतिम संस्कार के दौरान कमलेश के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए. एसपी ईरज राजा ने चेतावनी देते हुए कहा, “उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

जानें पूरी घटना की टाइमलाइन

Continues below advertisement

29 मई को कारोबारी विनीत राय की हत्या हुई थी, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी.

30 मई को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर हुई 

2 जून को पुलिस ने आरोपिय़ों पर 50 हजार का ईनाम घोषित किया

3 जून को पुलिस ने कमलेश चौधरी नाम के आरोपी का एनकाउंटर किया

4 जून को कमलेश के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस पर हमला हुआ

'हमने हर घर नल योजना को बढ़ाया, कोई टोंटी चोरी कर रहा...' सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

सपा का गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यूपी में जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया, “PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वालों को कमर के ऊपर गोली मारी जा रही है.”सपा का कहना है कि कमलेश चौधरी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह पिछड़े वर्ग से था और सपा कार्यकर्ता भी था. बाकी तीन आरोपी अभी भी फरार हैं. 

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी प्रवक्ता आनंद दुबे ने सपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “कमलेश चौधरी पेशेवर अपराधी था. उसके ऊपर कई गंभीर मामले पहले से दर्ज थे. एनकाउंटर किसी जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि अपराध की प्रवृत्ति के आधार पर हुआ है.”

परिवार का फर्जी एनकाउंटर का आरोप

कमलेश के परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि घटना के समय कमलेश बिहार में था, फिर भी पुलिस ने उसे उठाकर एनकाउंटर किया. परिवार ने होटल मालिक आलोक राय पर भी कटरा गैंग से जुड़े होने और वेश्यावृत्ति चलाने का आरोप लगाया है.  वहीं अंतिम यात्रा के समय हुए हंगामे में पुलिस पर हमला करने वाले 6 लोगों के नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

यूपी चुनाव में इन नेताओं को अखिलेश यादव नहीं देंगे टिकट, मिशन-27 में चलेगा लोकसभा वाला फॉर्मूला!