उत्तर प्रदेश के महोबा में श्रीनगर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डीसीएम वाहन पेड़ से टकरा गया. हादसा इतना भीषण था कि विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गया. इस दुर्घटना में ईंट भट्टा मजदूरों के एक ही परिवार के 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें चार मासूम बच्चे शामिल हैं. इनमें पांच गंभीर घायलों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. वहीं वाहन में लदे 35 खच्चरों में से 20 की मौके पर ही मौत हो गई.
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने तुरंत सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया. हादसे की वजह ड्राईवर को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है.
पूरा परिवार गांव लौट रहा था
प्रयागराज के मंझनपुर समदा स्थित एक ईंट भट्टे में मजदूरी करने वाले तीन सगे भाइयों का परिवार छुट्टी मिलने पर डीसीएम गाड़ी किराए पर लेकर अपने घर लौट रहा था. तभी ये दर्दनाक हादसा हो गया.गाड़ी में लालू बेलदार, विमलेश और इमराज का पूरा परिवार अपने मासूम बच्चों और आजीविका के साधन यानी 35 खच्चरों के साथ मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित अपने गांव जा रहा था. तभी अचानक पिपरामाफ़ गांव के पास तेज रफ्तार डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल बरगद के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बरगद का पेड़ जड़ सहित उखड़कर जमीन पर गिर गया.
पांच की हालत नाजुक
डॉक्टर नवीन चौहान के मुताबिक, अस्पताल लाए गए 12 घायलों में से 5 की हालत बेहद नाजुक थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर झांसी रेफर कर दिया गया है. गंभीर घायलों में लालू, उसका 8 वर्षीय बेटा चंदू, भाई की पत्नी रानी, 2 साल का मासूम प्रिंस और गाड़ी का क्लीनर बॉबी शामिल हैं.
परिजनों का अंदेशा है कि चालक को या तो नींद की झपकी आ गई थी या वह नशे में था, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया. इस हादसे ने इस गरीब परिवार की रीढ़ ही तोड़ दी है. परिवार के 12 लोग तो अस्पताल में भर्ती है साथ ही उनके कमाऊ साधन यानी 20 खच्चरों की भी मौत हो गई है. पीड़ितों ने रोते हुए प्रशासन से इलाज और मवेशियों के नुकसान के लिए मुआवजे की गुहार लगाई है.
यह भी पढ़ें: 54 साल के हुए योगी आदित्यनाथ: 22 की उम्र में संन्यास, फिर महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर
