ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य की सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हालात पर लगातार नजर बनाए रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जैसे ही केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, राज्य सरकार उसी के अनुरूप तत्काल कदम उठाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान या इजरायल में फंसे उत्तराखंड के लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से भारत वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. राज्य सरकार की ओर से वहां मौजूद लोगों और उनके परिजनों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है और उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है.
'उत्तराखंड के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना हमारी कोशिश'
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम लगातार प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री कार्यालय के संपर्क में हैं. हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड के रहने वाले सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. इस कठिन समय में हम अपने हर नागरिक के साथ खड़े हैं. हम उत्तराखंड के एक भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचने देंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर पर विशेष समन्वय तंत्र तैयार किया जाएगा, ताकि राहत और वापसी की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए.
ईरान में फंसे उत्तराखंड के कई लोग
बताया जा रहा है कि वर्तमान समय में उत्तराखंड के कई लोग ईरान में फंसे हुए हैं, जिनमें छात्र, कामकाजी लोग और कुछ परिवार भी शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और हवाई सेवाओं पर असर पड़ने से उनकी वापसी में दिक्कतें आ रही हैं. ऐसे में राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर समन्वित प्रयास कर रही है, ताकि सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके.
'उत्तराखंड के लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील'
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जैसे ही कोई ठोस निर्णय या योजना सामने आएगी, उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी.
ईरान-इजरायल तनाव के बीच उत्तराखंड सरकार का यह रुख साफ संकेत देता है कि राज्य अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है. अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम और संभावित निकासी योजना पर टिकी हुई है.
