उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में जुटी हुई हैं. इसी क्रम में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. जिसके तहत सरकार ने बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर निर्माण को हरी झंडी दिखा दी है. इससे पहले गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है जो बरेली से होकर गुजरेगा. यूपी सरकार के इस कदम से पूर्वांचल के साथ बुंदेलखंड और दिल्ली एनसीआर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए सरकार की ओर से टोकन मनी भी जारी कर दी गई है. ये एक्सप्रेसवे बरेली में नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के 68 गांवों से होकर गुजरेगा. इस कॉरिडोर के बनने से प्रदेश के सभी बड़े एक्सप्रेस वे कनेक्ट हो जाएंगे जिससे एक विशाल कॉरिडोर का निर्माण हो सकेगा. 

यूपी में पूरब से पश्चिमी तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी

बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर का मार्ग क़रीब 547 किमी लंबा होगा. जो बरेली को अलग-अलग जिलों से जोड़ता हुआ ललितपुर से कनेक्ट करेगा. इस योजना के तहत पहले से मौजूद फोरलेन रोड का इस्तेमाल करते हुए इसे और अपग्रेड किया जाएगा.  

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दूसरी तरफ मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस वे प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा. जो बदायूं में बरेली मथुरा-हाईवे से कनेक्ट करता है जो आगे जाकर वृंदावन में मथुरा हाईवे से मिलता है. बदायूं में ही गंगा एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद हाईवे से भी जुड़ता है. इस तरह से पूरे पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी ओर बुंदेलखंड तक कनेक्टिवटी बढ़ जाएगी. 

7 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक़ प्रदेश में कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर कॉरिडोर के लिए भी सरकार की ओर से सात हज़ार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है. इन सभी एक्सप्रेस वे को अगले पांच साल में एक दूसरे से जोड़ने की तैयारी है. इसके लिए एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तीनों मिलकर काम कर रही हैं.  

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