उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट रोल जारी किया गया है. अब राज्य निर्वाचन आयोग 1 करोड़ 4 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी में है. 

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राज्य निर्वाचन आयोग प्रमुख नवदीप रिणवा ने कहा कि 6 जनवरी से नोटिस चरण शुरू हो रहा है. ऐसे मतदाता जिनकी एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं हुई है. जिस भी मतदाता का एसआईआर में फॉर्म साइन होकर मिला उन्हीं के लिए मैपिंग शब्द है.

जिस भी मतदाता का एसआईआर में फॉर्म साइन होकर मिला उन्हीं के लिए मैपिंग शब्द है.हमारा लगभग 91 फीसदी से अधिक मैपिंग यूपी में हो गई. जिसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं. 8 फीसदी के करीब मैपिंग नहीं हुई है. इनकी संख्या 1 करोड़ 4 लाख के आसपास है.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अब राज्य में 15030 बूथ बढ़ गए हैं. हर बूथ पर 1200 के करीब मतदाता हैं. 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 फॉर्म साइन हो कर आए. 46.23 लाख मतदाता मृतक हैं. स्थानांतरित या छूट हुए मतदाता 2.17 करोड़ हैं. एक से अधिक स्थानों पर 25.47 लाख मतदाता मिले.

UP SIR में कितनों के नाम वापस नहीं आए?

रिणवा ने कहा कि 2.89 करोड़ नाम वापस नहीं आए हैं. दावा एवं आपत्ति आज से 6 फरवरी तक होगी. इन आपत्तियों का निस्तारण - 27 फरवरी तक होगा. वहीं अंतिम मतदाता सूची - 6 मार्च को जारी होगी.

उन्होंने कहा कि  जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में है उन्हें फॉर्म 6 नहीं भरना और जिनका नहीं है उन्हें फॉर्म भरना है. शिफ्टिंग के लिए फॉर्म 8 भर सकते हैं. रिणवा ने बताया कि ECINET मोबाइल एप्लीकेशन है, इससे फोन से मतदाता अपना नाम देख सकते हैं.

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एक प्रेस विज्ञप्ति में आयोग ने कहा कि वे मतदाता जो बीएलओ को नहीं मिले अथवा जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र निम्न कारणों से वापस प्राप्त नहीं हुए- पूर्व निवास स्थल से अन्यत्र कहीं स्थायी रूप से स्थानान्तरित हो गए, अथवा संबंधित मतदान क्षेत्रों में लापता / अनुपस्थित पाये गये, अथवा किन्हीं कारणों से गणना प्रपत्र 26 दिसंबर, 2025 तक जमा नहीं किया गया उपर्युक्त में से पात्र मतदाताओं द्वारा दावा एवं आपत्ति अवधि (06.01.2026 से 06.02.2026 तक) के मध्य फॉर्म-6 भरे जाने पर (घोषणा पत्र एवं आवश्यक अभिलेखों सहित) मतदाता सूची में पुनः सम्मिलित किया जा सकता है.