संयुक्त किसान मोर्चा और किसान यूनियन के आवाहन पर आज जनपद शामली में किसान ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया. जिसमें सैकड़ों की तादाद में किसानों ने ट्रैक्टर के साथ हिस्सा लिया. 

किसान ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान कलेक्ट्रेट के अंदर ट्रैक्टर ले जाने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच काफी गहमा गहमी भी हुई और किसान अपने ट्रैक्टरों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर दाखिल हो गए और पुलिस इस दौरान सिर्फ मूकदर्शक बनी रही.

पूरे मामले पर एक नजर

मामला जनपद शामली का है जहां पर आज संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन के आवाहन पर जनपद में ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया. यह तिरंगा यात्रा मेरठ करनाल हाईवे पर स्थित एम एस फार्म से शुरू होकर शहर के बीच से होते हुए थाना आदर्शमंडी क्षेत्र स्थित कलेक्ट्रेट पर जाकर संपन्न हुई. ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान कलेक्ट्रेट के अंदर ट्रैक्टर ले जाने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच काफी गहमा गहमी हुई. 

बहुत देर तक हुई गहमा गहमी के बाद किसान अपने ट्रैक्टर कलेक्ट्रेट के अंदर ले जाने में कामयाब हुए और इस दौरान पुलिस सिर्फ मुख दर्शक बनी रही. आज से ही गांव से किसान अपने ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा लगाकर शामली पहुंचने लगे थे और हर गांव से आने वाले रास्ते पर ट्रैक्टरों के लंबी-लंबी लाइन थी. किसानों के ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था.

भाकियू के सचिव ने क्या बताया?

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटयान ने बताया कि हर साल यह तिरंगा यात्रा 15 अगस्त को निकाली जाती थी लेकिन इस बार 13 अगस्त को निकाली गई है ताकि उस दिन किसी को भी कोई परेशानी ना हो क्योंकि यह राष्ट्रीय पर्व है और हम नहीं चाहते कि किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े. 

खाटयान ने बताया कि किसानों की विभिन्न मांगे हैं राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर की प्रमुख समस्याएं हैं जैसे एमएसपी की गारंटी किसानों को आज तक नहीं दी गई है और किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर किए गए मुकदमे आज तक वापस नहीं लिए गए हैं और भी कई समस्याए है वनो की कटाई चल रही है, कही फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है, MSP जरुरी है.