समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में जनता भाजपा को अच्छे से धो-पटककर हमेशा के लिए सुखा देगी. सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दस साल में यूपी के बिजली विभाग को बर्बाद कर दिया.

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अखिलेश यादव ने कहा कि शुक्र है उत्तर प्रदेश के असफल मुख्यमंत्री ने ये नहीं कहा कि इस महा विद्युत आपदा के पीछे दिल्ली वालों के भेजे हुए दूत की साजिश है. ये स्पष्ट किया जाना कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बिजली मंत्री आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते हैं. अगर आते हैं तो माननीय से अनुरोध है कि उनके कंधे पर हाथ रखकर एक तस्वीर आप पोस्ट कर दीजिए, जनता को आपकी आपसी गर्मी से तो राहत मिल जाएगी क्योंकि जनता ने आप दोनों को कभी एकांत में साथ देखा नहीं.

सपा मुखिया ने भाजपा सरकार पर यूपी की बिजली व्यवस्था को बर्बाद करने का भी आरोप लगाया. बिजली को लेकर अखिलेश यादव के हमले को लेकर प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है. अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा खेमे से भी तीखा पलटवार किया गया है. 

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भाजपा का अखिलेश यादव पर पलटवार

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा के समय 13 हजार मेगावाट की सप्लाई थी अब 31 हजार की सप्लाई पीक टाइम में की जा रही है. सपा शासन में 1 करोड़ 81 लाख उपभोक्ता थे अब 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है. सपा शासन में पांच वीआईपी जिलों में बिजली मिलती थी अब हर गांव में 18 से 20 घंटे बिजली मिल रही है.

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यूपी चुनाव से पहले गर्माई सियासत

इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ भी सपा सरकार में बिजली कटौती को लेकर निशाना साध चुके हैं. सीएम योगी ने कहा कि इनके (सपा) शासन काल में तो बिजली के तारों पर कपड़े सुखाए जाते थे क्योंकि उनमें करंट तो आता ही नहीं था. मैं स्वयं सब देख रहा हूं.

यूपी में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट सियासी मुद्दा बन गया है. ऐसे में आगामी 2027 के चुनाव को लेकर विपक्ष बिजली को लेकर हमलावर दिख रहा है. वहीं सीएम बैठक करके खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन, एक सच ये भी है कि कटौती हो रही है और जनता परेशान है. देखना ये होगा कि क्या आगे जनता की समस्या दूर होती है या बिजली की राजनीति बयानों के करंट तक सिमट कर रह जाती है. 

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