त्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर बेहद तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने लंबे पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब के बेटे बहादुरशाह प्रथम से कर डाली, जिसे इतिहास में 'शाहे बेखबर' कहा जाता था. भोजपुरी अंदाज में लिखे गए इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस नेताओं को 'बिन पेनी क लोटा' बताया, वहीं 'तिलचट्टा' शब्द के जरिए सोशल मीडिया पर चल रहे चर्चित 'कॉक्रोच मूवमेंट' पर भी निशाना साधा.
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत ऐतिहासिक संदर्भ से की. उन्होंने लिखा, 'एक ठे मुगल राजा रहल, ओके लोग कहें ‘शाहे बेखबर’…'. इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका हाल भी अब वैसा ही हो गया है. राजनीतिक हलकों में इसे बहादुरशाह प्रथम के संदर्भ से जोड़कर देखा जा रहा है.
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि इतिहास पढ़ लीजिए और समझिए कि सत्ता और राजनीति में 'बेखबर' होने का क्या परिणाम होता है. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव अब जमीनी राजनीति से कट चुके हैं.
'ऊ बिन पेनी क लोटा हउवन कुल…'
पोस्ट में कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला गया. राजभर ने लिखा कि जिन कांग्रेस नेताओं को अखिलेश यादव अपना 'लंगोटिया यार' समझते हैं, वही अब उन्हें धोखा दे रहे हैं. उन्होंने भोजपुरी में लिखा, 'ऊ बिन पेनी क लोटा हउवन कुल…'.
राजभर ने यह भी कहा कि हाल ही में तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस के सहयोगियों ने जिस तरह 'दगाबाजी' की, उससे भी सपा नेतृत्व ने कोई सबक नहीं लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन के भीतर भरोसे का संकट गहराता जा रहा है.
ओपी राजभर के पोस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा 'तिलचट्टा' शब्द को लेकर हो रही है. भोजपुरी में तिलचट्टा का अर्थ कॉक्रोच होता है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर 'कॉक्रोच मूवमेंट' को लेकर खूब चर्चाएं रही हैं और उसी संदर्भ में राजभर ने तंज कसा.
उन्होंने लिखा, 'तोहार ई परम प्रिय लोग अब तिलचट्टा आउर छिपकिल्ली के चक्कर में पड़ गयल हउवन…'. इसके बाद उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, 'तिलचट्टा के सहारे तू चुनाव जीते क बिचार बनावत हउवा…?' राजनीतिक जानकार इसे सोशल मीडिया ट्रेंड और विपक्षी नैरेटिव पर सीधा हमला मान रहे हैं. राजभर ने इस टिप्पणी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि विपक्ष अब वास्तविक मुद्दों की बजाय सोशल मीडिया प्रतीकों और ट्रेंड्स की राजनीति में उलझ गया है.
मायावती का जिक्र
अपनी पोस्ट में ओपी राजभर ने बसपा सुप्रीमो मायावती का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता 'ठगबंधन' की मानसिकता लेकर बहनजी के घर तक पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें दरवाजे से ही भगा दिया गया.
पोस्ट के आखिरी हिस्से में राजभर ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि केवल एसी कमरे में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से राजनीति नहीं चलती. उन्होंने लिखा, 'आवा 45 डिग्री में, निकला घाम में…'. साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2022 से भी बुरा हाल समाजवादी पार्टी का होने वाला है. राजभर का यह भोजपुरी अंदाज वाला हमला अब प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया दोनों जगह तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.
