लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ में सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण और नोएडा में मजदूरों के आंदोलन का मुद्दा उठाया. इस दौरान सपा चीफ ने इशारों में बात करने की कोशिश की. हालांकि फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद अवधेश प्रसाद ने अमुक सांसद का नाम ले लिया और फिर पूछा- आज नहीं आए क्या?
दरअसल, अखिलेश ने कहा- महिलाओं को लेकर बीजेपी पुरानी चाल चल रही है क्योंकि सबसे ज्यादा दुखी महिलाएं ही हैं. महंगाई से उनकी रसोई सूनी हो गई है. रही सही कसर सिलेंडर की कीमतों ने पूरी कर दी है. मजदूर सड़कों पर हैं, महिलाएं सड़कों पर हैं. जहां से स्क्रीन वाले श्री राम (अरुण गोविल) चुनकर आए हैं, वहां महिलाएं धरने पर बैठी हैं. बीजेपी की वजह से उनके घर उजड़ रहे हैं. इसी दौरान पीछे से किसी सदस्य ने कहा- अरुण गोविल. जिसके बाद अवधेश प्रसाद ने कहा-नहीं हैं... आज नहीं आए क्या?
बीजेपी “नारी” को नारे में बदल रही - अखिलेश
इससे पहले अखिलेश यादव ने “जेंडर इक्वैलिटी” के सवाल को भी उठाया और कहा कि सरकार योजनाओं की लंबी सूची तो गिनाती है, लेकिन असल में महिला सशक्तिकरण के पैमाने पर देश कहां खड़ा है, इसका जवाब नहीं देती. उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार के पास पूर्ण राज्य के अधिकार नहीं हैं, इसलिए महिला नेतृत्व को वास्तविक शक्ति नहीं मिलती.
महिला आरक्षण: लोकसभा में अखिलेश यादव ने BJP को घेरा, 'दिल्ली की सीएम हाफ सीएम हैं'
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी “नारी” को नारे में बदल रही है, जबकि उसके अपने संगठन और सरकारों में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी बेहद सीमित है. उन्होंने चुनौती दी कि बीजेपी बताए कि जिन 21 राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं और पार्टी के भीतर महिलाओं की स्थिति क्या है.
