लखनऊ के विकासनगर इलाके बुधवार (15 अप्रैल) को आग का भीषण तांडव देखने को मिला. इस इलाके की एक झुग्गी बस्ती अचानक भीषण आग से करीब 250 से 1200 तक झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं. आग के दौरान झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर से हुए धमाके से स्थिति और भयावह बन गई. करीब 3 घंटे की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जो सका, लेकिन देर रात के बाद भी राहत बचाव कार्य जारी रहा. इस दौरान पुलिस और राहत बचाव दल ने 2 सगी बहनों के शव बरामद किए.
बताया जा रहा है कि विकासनगर सेक्टर-11 के पास रिंग रोड से सटे इलाके में आग की शुरुआत किसी छोटी चिंगारी से हुई थी, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया. तेज हवा और झोपड़ियों की सघन बस्ती होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और सेक्टर-11 से लेकर सेक्टर-14 तक करीब 250 से ज्यादा झोपड़ियां इसकी चपेट में आ गईं. आग से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने की कोशिशों में लग गए.
जोरदार धमाकों से सिहर उठा इलाका
आग इतनी तेज थी कि झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर भी एक के बाद एक फटने लगे, जिससे जोरदार धमाकों की आवाजें पूरे इलाके में गूंज उठीं. घटना की जानकारी होते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था. लोगों के आशियाने जलकर खाक हो चुके थे और कई इस आग की चपेट में आ चुके थे.
2 सगी बहनों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में देर रात तक राहत-बचाव कार्य जारी रहा. इस दौरान पुलिस और राहत दल ने मलबे और जली हुई झोपड़ियों के बीच से दो शव बरामद किए. इनमें से एक 2 महीने की और दूसरी श्रुति (2 वर्ष) थी. बताया जा रहा है कि ये दोनों सगी बहनें थीं और आग की इस भयावह घटना में जिंदा जल गईं. दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने दोनों शवों की बरामदगी की पुष्टि की है. सतीश निवासी ग्राम काशीपुरवा, थाना रामसनेही घाट (बाराबंकी ) की दो बेटियों के शव मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग अब लापता हैं और कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
10 KM दूर से दिख रहा था धुएं का गुबार...जान बचाकर भागे थे लोग, लखनऊ अग्निकांड का भयावह था मंजर
