हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (P-5 से P-6) के गिरने की दुर्घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तेज कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है.
मृतकों के परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने घटना में मारे गए 6 श्रमिकों के परिजनों को तुरंत 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दे दी है. निर्माण एजेंसी मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने भी प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी है. इसके अलावा श्रम विभाग की योजनाओं के तहत 1.25 लाख रुपये प्रति परिवार दिए जा रहे हैं.
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प्रभावित परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित किया जा रहा है. दो परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिया गया है. स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता को निराश्रित महिला पेंशन और स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता को वृद्धावस्था पेंशन से जोड़ा जा रहा है. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत मृतक राजेश पाल की दो बेटियों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी. परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास और स्वच्छ शौचालय जैसी योजनाओं का भी लाभ उपलब्ध कराया जाएगा.
दो उच्चस्तरीय समितियां कर रही जांच
मामले की जिला प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति (अध्यक्ष: अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे) घटना के प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जांच कर रही है. वहीं उत्तर प्रदेश सेतु निगम की तीन सदस्यीय तकनीकी समिति निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन, सुरक्षा मानकों और सामग्री की जांच करेगी. थाना कुरारा में BNS की धारा 106(1) और 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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