यूपी के गोरखपुर में पुलिस ट्रेनिंग में आईं महिला रिक्रूट्स ने जमकर हंगामा किया है, वहीं उन्होंने बाथरूम में कैमरे लगे होने का भी आरोप लगाया है. मामले की सूचना मिलमे के बाद अधिकारियों ने समझा-बुझाकर अंदर किया. 

बता दें महिला रिक्रूटर्स ने अव्यवस्था का भी आरोप लगाया है. बिछिया के 26वीं वाहिनी पीएसी में 600 महिला रिक्रूट्स की ट्रेनिंग चल रही है. इस दौरान महिला रिक्रूटर्स ने हंगामा करते हुए खुले में नहाने और अव्यवस्था का आरोप मढ़ा है.जिससे नाराज महिलाएं गेट के बाहर आकर प्रदर्शन करने लगी.

कैंपस में महिलाओं का हंगामागोरखपुर के बिछिया स्थित पीएसी कैंपस में बुधवार सुबह करीब 8 बजे 600 महिला रिक्रूटर्स हंगामा करने लगीं. इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेनिंग करने आईं महिला रिक्रूटर्स ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं साथ ही अव्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

वहीं इस मामले को लेकर बहुत सी रिक्रूट्स हंगामा करते हुए रोने और चिल्लाने लगीं, कई महिलाओं ने गेट के बाहर ही अपनी परेशानी सुनाई. वीडियो में साफतौर पर रोते हुए और गुहार लगाते हुए देखा जा सकता है.

बाथरूम में कैमरे लगे होने का आरोपट्रेनिंग लेने आईं महिला रिक्रूट्स ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बाथरूम (खुले बरामदे में भी टेंट से ढककर नहाने की व्यवस्था वाली जगह) में कैमरे लगे होने का आरोप लगाया है. साथ ही कैंपस में खराब व्यवस्था को भी उजागर किया है.

मामले को तूल पकड़ते देख हंगामे की सूचना पर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के ट्रेनर और पुलिस अधिकारी पीएसी कैंपस में पहुंच गए. जिसके बाद महिला रिक्रूट्स को समझाने का प्रयास कर अंदर ले गए. हालांकि अभी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

रिक्रूट्स ने क्या कहा?एक महिला रिक्रूट्स  ने वीडियो के जरिए सवाल खड़े करते हुए कहा है कि जब यहां व्यवस्था नहीं थी तो फिर क्यों बुलाया गया. कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया कि न पीने के लिए पानी है, न ही बिजली है. उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि हमें ट्रेनिंग सेंटर वापस चाहिए. 

आगे बात करते हुए बताया कि हम लोग खुले में नहा रहे हैं, आसपास आदमी आ जा रहे हैं. एक अन्य महिला ने बताया कि यहां पर बाथरूम तक नहीं बना है और कहा कि यहां के प्रभारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं.

लखनऊ के आईजी पीएसी सेंट्रल जोन डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि बाथरूम में कैमरा लगा होने की बात सामने आई थी. यह आरोप जांच में पूरी तरह से असत्‍य और तथ्‍यविहीन पाया गया. एक पीटीआई के द्वारा अभद्रता करने की बात संज्ञान में आई है. जिसको निलंबित कर दिया गया है. यूपी पुलिस के लिए महिला आरक्षियों की ट्रेनिंग को सुरक्षित और उच्‍च कोटि की करना उत्‍तर प्रदेश पुलिस को करना प्राथमिकता है. इसके साथ अनुशास‍नहीनता और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्‍ती से कार्रवाई की जाएगी.

अखिलेश ने भी उठाए सवालइस मामले पर सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी. सोशल मीडिया साइट एक्स पर खबर की कतरन शेयर करते हुए कन्नौज सांसद ने लिखा कि गोरखपुर से महिला पुलिस रिक्रूट्स के ट्रेनिंग सेंटर की बदइंतज़ामी के दुर्भाग्यपूर्ण समाचार आ रहे हैं. न बिजली है, न पानी, न गरिमापूर्ण स्नानालय.  जब मुख्य नगरी का ये हाल है तो शेष का क्या कहना. नारी वंदना भाजपा का जुमला है.

उधर, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए  लखनऊ के आईजी पीएसी सेंट्रल जोन डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि 26वीं वाहिनी पीएसी में रिक्रूट महिला आरक्षियों द्वारा कुछ समस्‍याएं सामने रखी गईं. इन्‍हें सीनियर अधिकारियों द्वारा तत्‍काल संज्ञान में लिया ग्रया. इसमें तत्‍परता से जांच की गईं. इसमें पाया गया कि कुछ तकनीकी कारणों की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी. इस कारण जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. अधिकारियों के द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्‍या का निस्‍तारण कर लिया गया है. विद्युत विभाग से वार्ता करके विद्युत आपूर्ति को सही कर दिया गया है.