समाजवादी पार्टी आज 5 अगस्त को जनेश्वर मिश्र की जयंती को बड़े स्तर पर मना रही है. इस अवसर पर लखनऊ में प्रदेशभर से बडी़ संख्या में ब्राह्मणों को बुलाया गया है. यूपी चुनाव से पहले सपा की इस कवायद को पीडीए के साथ सवर्ण वोटरों को भी अपने साथ लाने के प्लान के तौर पर देखा जा रहा है. यूपी में सिर्फ सपा ही नहीं हर दल चाहता है कि ब्राह्मण उसके करीब रहे. चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस या बसपा. 

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मौजूदा वक्त में सपा की बात करें तो पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जानते हैं कि यूपी में अगर पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी है तो उसके लिए पीडीए के साथ सवर्ण वोटरों का साथ आना भी जरूरी है. इसी को देखते हुए पार्टी ने अब ब्राह्मणों को अपने साथ जोड़ने की तैयारी की है. 

यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोट काफी अहम भूमिका निभाते हैं, साल 2007 में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने इसी सोशल इंजीनियरिंग के सहारे यूपी में सत्ता की चाबी हासिल की थी, लेकिन 2014 के बाद ये वोटर बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए. सपा को भी लगता है कि अगर ब्राह्मण वोटर उनके साथ जुड़ते हैं सत्ता तक पहुंचना आसान हो जाएगा.

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यूपी में ब्राह्मण वोटरों को समीकरण

आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में करीब दस फ़ीसद ब्राह्मण वोटर हैं. ज़्यादातर इनकी संख्या मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 89 फीसद ब्राह्मण वोटरों ने बीजेपी को वोट दिया था, जबकि सपा को 6 फीसद और कांग्रेस को 1 फीसद ब्राह्मणों ने वोट दिया. 

वहीं सीटों के समीकरण को देखा जाए तो 2022 बीजेपी के 46 ब्राह्मण विधायक चुने गए. वहीं समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस से 1 ब्राह्मण विधायक को जीत मिली. इन आंकड़ों से साफ़ है कि अब तक ब्राह्मणों का झुकाव बीजेपी की तरफ रहा है. लेकिन, अब सपा इन्हें रिझाने में जुट गई हैं. इसके पीछे की एक वजह ये भी है कि बीते काफी समय से क़यास लग रहे हैं कि ब्राह्मण बीजेपी से नाराज है. 

पीडीए के साथ ब्राह्मण वोटरों को जोड़ने का प्लान

समाजवादी पार्टी वैसे तो हर साल जनेश्वर मिश्र की जयंती पर कार्यक्रम करती है. लेकिन, इस बार चुनाव से पहले इस कार्यक्रम का काफी बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है. बीते दो महीनों से पार्टी में इसकी तैयारी चल रही थी, सपा जनेश्वर मिश्र पार्क में ये कार्यक्रम करना चाहती थी लेकिन, आखिरी वक्त में इजाजत नहीं मिलने की वजह से ये कार्यक्रम सपा दफ़्तर में ही रखा गया है.  

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