उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. यहां के सहारनपुर जिले में 7 विधानसभा सीटें हैं. उत्तर प्रदेश की विधानसभा संख्या में दूसरे नंबर की सीट नकुड़ विधानसभा आती है. नकुड़ विधानसभा सहारनपुर जिले में आती है और कैराना लोकसभा का हिस्सा है. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में नकुड़ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के मुकेश चौधरी चुनाव जीते थे. 

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समाजवादी पार्टी ने धर्म सिंह सैनी को टिकट दिया था, जो कि बीजेपी छोड़कर चुनाव से ठीक पहले सपा में शामिल हुए थे. बहुजन समाज पार्टी ने साहिल खान और कांग्रेस ने रणधीर सिंह को चुनाव लड़ाया था. 2022 में सपा और राष्ट्रीय लोकदल साथ में थे.

सबसे पहले बात एसआईआर के असर की. सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले कुल 3 लाख 60 हजार 523 मतदाता थे. SIR के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 3 लाख 35 हजार 622 रह गई. इस तरह पुनरीक्षण के बाद कुल 24 हजार 901 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई थी.

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अब बात करते हैं साल 2022 के चुनाव परिणामों की . नकुड़ में साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 1 लाख 4 हजार114, सपा- 1 लाख 3 हजार 799, बीएसपी- 55 हजार 112, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)- 3 हजार 593 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 1 हजार 354 वोट मिले थे.

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने नकुड़ सीट पर जीत दर्ज की थी, लेकिन बीजेपी के जीत का अंतर महज 315 वोटों का था. यानी नकुड़ सीट पर बीजेपी और सपा के बीच आखिरी राउंड तक जमकर लड़ाई होती रही.

बीजेपी ने नकुड़ में गुर्जर समाज के मुकेश चौधरी को टिकट दिया था तो सपा ने ओबीसी समाज से धर्म सिंह सैनी को चुनावी मैदान में उतारा था.

2024 के चुनाव में बदल गई नकुड़ की तस्वीर?

यहां यह भी जानना जरूरी है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव से साल 2024 के लोकसभा चुनाव तक नकुड़ विधानसभा में क्या बदलाव आया?  यह जानने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में नकुड़ विधानसभा सीट पर किस पार्टी को कितने वोट मिले, यह जानना भी जरूरी है.

2024 लोकसभा चुनाव में नकुड़ विधानसभा की बात करें तो यहां सपा-कांग्रेस गठबंधन को 1 लाख 26 हजार 320, बीजेपी-आरएलडी गठबंधन को 92 हजार 529 और बीएसपी को 31 हजार 16 वोट मिले थे.

यानी साल 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन नकुड़ सीट पर 33,791 वोटों से आगे रहे. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कैराना लोकसभा सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन से इकरा हसन, बीजेपी से प्रदीप कुमार और बसपा से श्रीपाल चुनावी मैदान में थे.

नकुड़ सीट पर 2022 के चुनाव में क्या स्थिति थी?

साल 2022 में बीजेपी इस सीट पर 315 वोटों से जीती और 2024 लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन नकुड़ सीट पर 33 हजार 791 वोटों से आगे रही. यानी सपा-कांग्रेस ने साल 2022 के मुकाबले साल 2024 में नकुड़ सीट पर अच्छे मार्जिन से जीत हासिल की.

साल 2022 में सपा और कांग्रेस का गठबंधन नहीं था. साल 2022 में सपा और रालोद एक साथ चुनाव लड़े थे. कांग्रेस और बसपा दोनों ही अकेले चुनावी मैदान में थे. जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ. बीजेपी और आरएलडी ने भी साथ मिलकर चुनाव लड़ा. बसपा इस बार भी अकेले चुनावी मैदान में थी.

साल 2022 के चुनावी आंकड़े तो बीजेपी के लिए औसतन बेहतर थे, लड़ाई बेहद कांटे की थी. लेकिन 2024 के चुनावी आंकड़े नकुड़ विधानसभा सीट पर बीजेपी के लिए चिंताजनक दिखाई देते हैं.

नकुड़ विधानसभा सीट का अनुमानित समीकरण

1. मुस्लिम- 1.18 लाख2. SC- 60 हजार3. सैनी- 35 हजार4. गुर्जर- 40 हजार5. कश्यप- 22 हजार6. जाट- 11 हजार7. ब्राह्मण- 10 हजार8. क्षत्रिय- 9 हजार9. वैश्य- 8 हजार10. पांचाल- 7 हजार11. पाल- प्रजापति- 8 हजार

मुस्लिम और एससी बहुल सीट है नकुड़

नकुड़ मुस्लिम और एससी बाहुल्य सीट है. इस सीट पर ओबीसी मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों का वोट यहां अच्छी खासी संख्या में है. एसआईआर के बाद नकुड़ सीट पर 24,901 मतदाता घटे हैं.

नकुड़ सीट पर बीजेपी आमतौर पर गुर्जर समाज के ही प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारती रही है. सपा इस सीट पर इस बार किस समाज के प्रत्याशी को टिकट देती है, यह भी देखने वाली बात होगी क्योंकि धर्म सिंह सैनी एक बार फिर बीजेपी में वापसी कर चुके हैं. इस सीट पर एससी समाज का वोट सबसे निर्णायक होगा. एससी अगर सपा के साथ जाता है, तो उसका पलड़ा भारी होगा और अगर बीजेपी के साथ जाता है, तो बीजेपी इस सीट पर कमाल कर पाएगी.