उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. गृहमंत्री अमित शाह की कार्यकारिणी बैठक के बाद अब पूरा रोड मैप लगभग तैयार कर लिया गया है. पार्टी ने अब संगठन को चुनाव में उतारने जा रही है. इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश की सभी 18 कमिश्नरियों में रैलियां करेंगे, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह क्षेत्रवार सभाओं और बूथ सम्मेलनों के जरिए चुनावी माहौल बनाएंगे.

Continues below advertisement

हाल ही में बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत क्षेत्रीय अध्यक्षों, प्रभारियों और जिलाध्यक्षों ने चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक हुई थी. जिसमें तय हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और संगठन के पदाधिकारी को चुनाव में उतर जाएगा. इनकी प्रदेश में चुनावी सभाएं होंगी.

बीजेपी ने हर बार की तरह इस बार भी कार्यकर्ताओं को मतदाताओं के घर-घर तक पहुंचाने का टारगेट दिया है. हर 50 परिवारों पर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय करने का फैसला किया है. यह कार्यकर्ता लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों की जानकारी देंगे. इसके साथ ही हर वर्ग जाति और समुदाय के लोगों को पार्टी से जोड़ने का भी काम करेंगे. जिला स्तर पर समन्वय टोलियां बनाई जाएंगी. विधानसभा क्षेत्रों में प्रवासी प्रभारियों की तैनाती के साथ चुनाव संचालन समितियों का गठन भी जल्द पूरा किया जाएगा. 

Continues below advertisement

1918 मंडलों में प्रवास करेंगे कार्यकर्ता

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से लगाने का कहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 1918 मंडलों में प्रवास के लिए मजबूत टीमें तैयार की जाएंगी. कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करेंगे और ग्रामसभा स्तर पर चौपाल व जनसंवाद के कार्यक्रम आयोजित करेंगे. मतदाता सूची के सत्यापन और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को भी पार्टी ने अपनी प्राथमिकता में रखा है. नए मतदाताओं को जोड़ने के साथ युवाओं के वोट बनवाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

तीन नवंबर से छह क्षेत्रों में पदयात्रा

संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि तीन नवंबर से प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्राएं निकाली जाएंगी. प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है. सोशल मीडिया पर भी पार्टी अपनी सक्रियता बढ़ाएगी. जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल अपनी तस्वीरें साझा करने के बजाय पार्टी के मुद्दों और संगठन की गतिविधियों को प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाएं.