माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बयान सामने आया है. आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम ने पूरे मामले पर संयमित और श्रद्धा से भरा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि वे पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करते हैं और उनसे विनम्र प्रार्थना करते हैं कि वे संगम में स्नान करें.

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डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत और आचार्य के प्रति अनादर की कोई भी घटना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा,"हमारी संस्कृति में किसी भी पूज्य संत, आचार्य या शंकराचार्य जी का अपमान करने की परंपरा नहीं है. यदि किसी ने ऐसा किया है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी." उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संत समाज का सम्मान करती है और किसी भी प्रकार की अवमानना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. डिप्टी सीएम ने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों द्वारा यह विवाद पैदा किया गया है, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जैसे संत समाज को दिशा देने वाले होते हैं और उनसे समाज को जोड़ने की अपेक्षा रहती है. उन्होंने कहा, “मैं भगवान शंकराचार्य जी से अनुरोध करता हूं कि वह अपना विरोध समाप्त करें और संगम में स्नान करें. यह पूरे समाज के लिए सकारात्मक संदेश होगा.

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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान ऐसे समय में आया जब सीएम योगी के कालनेमि वाले बयान की चर्चा हो रही है. वहीं सीएम योगी के कालनेमि और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शंकराचार्य पर दिए गए बयान को लेकर यूपी कांग्रेस चीफ अजय राय की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा कि सत्ता शासन में बैठे हुए लोग आपस में लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को सिर्फ बयान नहीं देना चाहिए जाकर दंडवत प्रणाम करके उनसे माफी मांगनी चाहिए उनकी सरकार है उनकी व्यवस्था है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी जाकर माफी मांगनी चाहिए.