भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर तीखी टिप्पणी की है. 

Continues below advertisement

आरक्षण को लेकर ओम प्रकाश राजभर के दिए गए बयान पर कांग्रेस के सुरेंद्र राजपूत ने कहा आरक्षण विरोधियों की संगत(bjp) में रहकर   op राजभर पागल हो गए हैं. उन्हें दवाई की आवश्यकता है. उन्हें संविधान में आरक्षण सामाजिक स्थिति  को उत्थान के लिए दिया गया था. आपको छोड़ना हो तो छोड़िए पर बाकी क्यों छोड़ें. आप आरक्षण के विरोधी है. संघ, भाजपा विरोधी थी पर ओपी राजभर भी इसके विरोधी हो गए. अपने दिमाग का इलाज कराइये आरक्षण सामाजिक न्याय का मुद्दा है.

बता दें केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की प्रतिक्रिया के जवाब में  राजभर ने कहा था कि जिन्होंने मुख्यधारा में जगह बना ली है. उन्हें इससे बाहर रखा जाए.

Continues below advertisement

योगी सरकार की योजनाओं का जवाब देने मैदान में डिंपल यादव, किया बड़ा ऐलान

राजभर ने और क्या कहा था?

अठावले पर जवाब देते हुए राजभर ने कहा था कि उन्हें शायद सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर भी नज़र डालनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने 'कोटे के अंदर कोटा' (सब-कोटा) के कॉन्सेप्ट पर बात की है. संविधान चार कैटेगरी को मान्यता देता है और सभी को आरक्षण का अधिकार है; फिर भी, अभी इसका फ़ायदा वे लोग उठा रहे हैं जो पहले से ही अच्छी स्थिति में हैं. बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर ने आरक्षण की शुरुआत दबे-कुचले लोगों को ऊपर उठाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए की थी.

राजभर ने कहा था कि लेकिन आज, DM, SP, DIG, IG, DGP, गवर्नर, मुख्यमंत्री और यहाँ तक कि राष्ट्रपति के बच्चे भी इन फ़ायदों का लाभ उठा रहे हैं. उन्हें सबसे पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए: जिन लोगों ने आरक्षण का इस्तेमाल करके विकास की मुख्यधारा में जगह बना ली है, उन्हें इससे बाहर रखा जाना चाहिए.