इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम छात्रा की स्कूल ड्रेस के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. अब हाईकोर्ट के इस फैसले को कुछ लोग सही बता रहें तो कुछ गलत, इसी बीच अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का बयान सामने आया है.
बसपा चीफ मायावती ने हिजाब और स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़े विवाद को स्थानीय स्तर पर सुलझाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और आत्म-सम्मान से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक मामलों में टीका-टिप्पणी से बचने की भी अपील की.
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सभी जाति-धर्म के लोगों को समान अधिकार देने वाला धर्मनिरपेक्ष और समतामूलक संविधान दिया. संविधान के तहत सभी धर्मों के लोगों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों और मान्यताओं के अनुसार शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है. ऐसे मामलों में सभी को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए.
योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक बढ़ेगा; झांसी लिंक को भी मंजूरी
उन्होंने कहा कि स्कूलों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर या हिजाब पहनने जैसे मामलों को ज्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में कानूनी विवाद बनाने के बजाय स्कूल प्रबंधन और शासन-प्रशासन को आपसी समझ और सूझबूझ से इसका समाधान निकालना चाहिए. इससे ऐसे मुद्दों की आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौका नहीं मिलेगा.
संवेदनशील मामलों पर लोगों को टीका-टिप्पणी करने से बचना चाहिए
मायावती ने कहा कि बीएसपी सर्वसमाज के सम्मान के साथ-साथ सभी के जान-माल और मजहब की सुरक्षा की गारंटी में विश्वास रखने वाली अंबेडकरवादी पार्टी है. उन्होंने अपील की कि किसी भी धर्म, धार्मिक ग्रंथ या धार्मिक प्रचलन एवं मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर लोगों को टीका-टिप्पणी करने से बचना चाहिए. यह देश और जनहित में होगा.
बदायूं में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर भी जताई चिंता
मायावती ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर जारी विवाद और तनाव पर भी चिंता जताई. उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर शांतिपूर्ण और उचित समाधान निकालने की मांग की.
वाराणसी में गलियों से सड़कों तक 'जल सैलाब', प्रशासनिक दावों की खुली पोल
