उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौंवे दिन गुरुवार को सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोक-झोंक देखने को मिली. इस दौरान दोनों ओर से जमकर बयानों के तीर भी चले. समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने किसानों और सिंचाई के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा और डीएपी की कमी का मुद्दा उठाया.
यूपी विधानसभा में अपनी बात रखते हुए जब यूपी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने डीएपी की कमी को लेकर पूछे सवाल को लेकर सपा सरकार को घेरा. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को घेरा. कृषि मंत्री ने सपा सरकार से तुलना करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने सपा शासन से 30 लाख टन ज्यादा डीएपी बांटी है. जिसने गड़बड़ी की उस पर कार्वराई की गई. एक कंपनी पर एफआईआर भी की गई.
कृषि मंत्री के जवाब पर भड़के शिवपाल यादव
कृषि मंत्री ने कहा कि जब सरकार में थी तब किसानों को बीज नहीं मिलता था और उन्हें भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया था. उनके इस जवाब पर शिवपाल सिंह भड़क गए और आपत्ति जताते हुए कहा कि "बजट क्या तुम अपने घर से लाए हो."
शिवपाल ने कहा कि "यहां तक कह रहे हैं कि बजट को इतना बढ़ाया, बजट क्या तुम अपने घर लाए हो.. बजट में जनता का पैसा है.. टैक्स है.. जीएसटी में कितना लूटा प्रदेश को वो बजट है.. तारीफ ही करते चले जा रहे हैं."
किसान और सिंचाई के मु्द्दे पर सरकार को घेरा
शिवपाल यादव ने सदन में सिंचाई के मुद्दे को लेकर भी जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पर सवाल उठाते हुए कृषि, सिंचाई और नगर विकास के लिए अनुदान मांगे रखी और सवाल किया कि क्या आप योजनाओं के लिए अपने घर से पैसा लाते हैं?
दरअसल शिवपाल यादव सदन में जलशक्ति विभाग की अनुदान मांगों के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे. शिवपाल यादव ने कहा कि मैंने आपको फ़ोन करके नहरों में पानी खुलवाने के लिए कहा था लेकिन, पानी नहीं और जब मैंने अधिकारी को फोन किया तब कहीं जाकर काम हो पाया. उन्होंने मंत्री से अधिकारियों पर सख्ती किए जाने की अपील भी की.
