उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन जोरदार हंगामा हुआ. मंगलवार (4 अगस्त) को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा लेकर नारेबाजी करते और हंगामा करते दिखे. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा. इस बीच विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने विपक्ष को जमकर लताड़ लगाई है.
स्पीकर सतीश महाना ने कहा, "जब हम आप लोगों से कह रहे थे कि राम मंदिर चलिए तब आप लोग चले नहीं. अब आपको आस्था की याद आ रही है. एक विधायक भी अगर मेरे साथ चला होता तो मुझे भी अच्छा लगता कि चलो कुछ आस्था है." उन्होंने आगे कहा, "धार्मिक आस्थाओं को चोट पहुंचाकर किसी की धार्मिक आस्थाएं आहत करना उचित नहीं है."
राम मंदिर को लेकर सदन में क्या बोले स्पीकर?
स्पीकर सतीश महाना ने कहा, "मुझे कितना संतोष हो रहा है कि शुऐब अंसारी राम मंदिर की बात कर रहे हैं. मुझे अच्छा लग रहा है कि उमर अली भी राम मंदिर की बात कर रहे हैं, मुझे और अच्छा लग रहा है कि शाहिद मंजूर भी राम मंदिर की बात कर रहे हैं. इन्होंने शुरुआत से लेकर आखिर तक राम मंदिर का विरोध किया है."
उन्होंने आगे कहा, "आप में से किसी ने चंदा दिया हो तो रशीद लेकर यहां पर आ जाएं. जरा देखे तो सही कि आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है." सदन के दूसरे दिन विपक्ष के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की. इस दौरान नेताओं ने जमकर हंगामा भी किया है. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्रवाई 12 बजकर 20 मिनट तक स्थगित कर दिया.
हंगामेदार रहा सदन का पहला दिन
सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी ने शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया, जबकि सदन के भीतर शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विधायक दानपेटी और पोस्टर लेकर पहुंचे तथा शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और नीट पेपर लीक को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों से सकारात्मक और स्वस्थ चर्चा की अपील की.
मां ने किया नाबालिग बेटी का सौदा, पैसे पूरे नहीं मिले तो रची ऐसी साजिश
