एशिया कप के तहत आज होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर देशभर में विरोध और बहस का माहौल गरमा गया है. इसी कड़ी में रविवार को अलीगढ़ के केपी इंटर कॉलेज पर बजरंग बल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया.
उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहेगा, तब तक उसके साथ किसी भी तरह का खेल, सांस्कृतिक या व्यापारिक संबंध नहीं होना चाहिए.
क्या बोले बजरंग बल के जिला संयोजक?
बजरंग बल के जिला संयोजक गौरव शर्मा ने इस दौरान कहा कि पुलवामा हमले जैसी घटनाएं देश के जख्म अभी भी ताज़ा कर रही हैं. ऐसे हालात में पाकिस्तान के साथ खेल को प्रोत्साहन देना देश के शहीदों का अपमान है.
उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को पाकिस्तान से क्रिकेट या किसी भी खेल मुकाबले से दूरी बना लेनी चाहिए. गौरव शर्मा ने कहा-'खून और खेल एक साथ नहीं चल सकते या तो बम चुनो या मैच, दोनों एक साथ स्वीकार नहीं.'
पुलवामा का दर्द और गुस्से की अभिव्यक्ति
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलवामा हमले की याद दिलाई, जिसमें दर्जनों भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवाई थी. उनका कहना था कि उस हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा भड़क उठा था और भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाई करके पाकिस्तान को जवाब दिया था. बावजूद इसके, जब-जब भारत और पाकिस्तान के बीच खेल आयोजित होते हैं, तब-तब शहीद परिवारों के घाव हरे हो जाते हैं.
बजरंग बल के कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि जब सीमा पर हमारे जवान अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा कर रहे हैं, तब दुबई या कहीं और भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट खेलना क्या सही संदेश देगा? उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सरजमीं से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और ऐसे देश से खेल संबंध रखना देश की सुरक्षा नीति और शौर्य का अपमान है.
मैच को लेकर भारत में विरोध
इस बार का भारत-पाकिस्तान मुकाबला दुबई में आयोजित किया जा रहा है. हालांकि खेल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला हमेशा रोमांचक रहता है, लेकिन अलीगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में इस मैच का विरोध दर्ज किया गया. बजरंग बल ने साफ कहा कि चाहे मैच दुबई में हो या किसी और देश में, भारत के खिलाड़ियों का पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरना अस्वीकार्य है.
प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लहराते हुए नारेबाजी की-'भारत माता की जय', 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' और 'खून के धब्बे धोए नहीं जा सकते.' उनका कहना था कि पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए भारत को हर स्तर पर कठोर कदम उठाने होंगे.
कार्यकर्ताओं ने रखी ये मांगें
प्रदर्शन के दौरान बजरंग बल ने कुछ प्रमुख मांगें भी सामने रखीं. उन्होंने मांग में कहा है कि भारत सरकार पाकिस्तान के साथ किसी भी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग न ले, वहीं उन्होंने कहा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले मुल्क के खिलाफ आर्थिक और सांस्कृतिक बहिष्कार को और सख्ती से लागू किया जाए.
इसके अलावा बजरंग बल के कार्यकर्ताओं ने मांग में कहा कि मीडिया और प्रायोजक कंपनियां पाकिस्तान से जुड़े आयोजनों से दूरी बनाए रखें, साथ ही शहीद परिवारों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए, पाकिस्तान से खेल संबंध हमेशा के लिए खत्म कर दिए जाएं.
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद बजरंग बल के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि भारत सरकार इस मसले पर स्पष्ट रुख अपनाए और पाकिस्तान को हर स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति बनाए. प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी खेल आयोजन को बढ़ावा दिया गया तो वे सड़कों पर और उग्र आंदोलन करेंगे.