सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित नेता और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा के निलंबन के फैसले पर रोक लगा दी है. अब इस मामले में उन्नाव मामले में पीड़ित परिवार ने प्रतिक्रिया दी है.

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पीड़ित परिवार ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं. पीडिता की मां ने कहा कि कोर्ट का बहुत बहुत धन्यवाद. इनको फांसी होनी चाहिए. गरीबों को भगाकर आप डंडे से मारकर भगा रहे हैं. मेरे पति हत्यारे की फांसी होनी चाहिए. मेरी सुरक्षा हटाई गई है और हमारे घर पर गुंडे आये थे, इसकी रिकॉर्डिंग है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोलीं पीड़िता की मां?

पीड़िता की मां ने कहा कि सरकार मेरे बच्चों को सुरक्षा दें. हमारे परिवार को सुरक्षा दें. मेरे बच्चों को नौकरी दी जाये. आप सभी ने हमारे लिए बहुत संघर्ष किया है. हम खुश हैं कि कोर्ट ने स्टे लगाया है उससे खुश हैं. सीधा फांसी होना चाहिए.

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पीडिता की बहन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारी भाई और परिवार को सुरक्षा दी जाये. मेरे बहन की झूठी रिकॉर्डिंग बनाई जा रही है. ये लोग कुछ भी कर रहे हैं. ये लोग बाहुबली हैं इनसे हमारे परिवार को खतरा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर मामले में क्या फैसला दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में बीजेपी से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने संबंधी दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर, बीजेपी से निष्कासित नेता कुलदीप सेंगर को नोटिस भेजा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्नाव बलात्कार मामले के दोषी कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश के बाद हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंगर मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका में विचारणीय अहम कानूनी प्रश्न हैं