पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान और बीजेपी के पूर्व सांसद संजय बालियान आमने-सामने आ गए हैं. जहां अतुल प्रधान ने बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और जनमत चोरी होने का आरोप लगाया तो वहीं दूसरी तरफ बालियान ने ममता बनर्जी को हार स्वीकार करने की सलाह दी है.

Continues below advertisement

दरअसल अतुल प्रधान और संजय बालियान दोनों नेता छछरपुर गांव में एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के परिजनों से मिलने पहुंचे थे. सपा विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार को सांत्वना दी. इस दौरान जब उनसे बंगाल चुनाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये जनमत की लूट है. लोकतंत्र में जनता को अपना वोट देने का अधिकार है. इसे छीनने का किसी को भी हक नहीं है.

चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

सपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग जिस तरह से बंधुआ मजदूर की तरह काम कर रहा है हम इसका विरोध करते हैं. चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए. चुनाव आयोग को यह तय करने देना चाहिए कि जनता किसको चुना चाहती है. पुलिस फोर्स लगाकर जनमत की लूट करना अच्छा नहीं है. ममता बनर्जी तीन बार की मुख्यमंत्री रही है. केंद्र में मंत्री रही है, कितनी बार सांसद रही है.

Continues below advertisement

बंगाल में झालमुरी तो यूपी में इस डिश का रहता है जलवा, यूपी चुनाव में बनाता है नेताओं का मिजाज

संजीव बालियान ने ममता बनर्जी को दी नसीहत

वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता संजीव बालियान ने कहा कि जनसंघ के पहले अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जब 1991 में जनसंघ की स्थापना हुई थी जो सपना देखा था आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह के नेतृत्व में वो पूरा हुआ है. शायद मैंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को इतना खुश नहीं देखा. बंगाल जिस तरह से पिछड़ा राज्य था,  अब बीजेपी सरकार आने के बाद पूरे हिंदुस्तान के साथ विकास के दौड़ में आगे चलेगा.

बालियान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में पश्चिम बंगाल जीत लिया तो उत्तर प्रदेश तो उसका गढ़ है. तो एक पॉजिटिव प्रभाव बनता है, माहौल बनता है. मैं तो कहूंगा कि 15 साल मुख्यमंत्री रही है और देश की बड़ी नेता है. हार, जीत अपनी जगह उन्हें इस तरह से नहीं कहना चाहिए यह पश्चिम बंगाल की जनता का निर्णय है. इस हार को भी उन्हें बड़े दिल से स्वीकार करना चाहिए.

'चुनाव लूट लिया तो इस्तीफा क्यों?' ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार पर अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया