उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिछले तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी अब  खनिज विभाग तक पहुंच गई है. शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम खनिज विभाग में पहुंची और कुछ जरूरी दस्तावेजों को खंगाला. आयकर विभाग की टीम समाजवादी पार्टी नेता इश्तियाक खान के मुंशी, मैनेजर और ब्लास्टर से लगातार 30 घंटे से पूछताछ कर रही है. आयकर विभाग की टीम इस्तियाक खान के सोनभद्र पत्थर खदान ईशाना पर अभी भी मौजूद है, साथ ही आधा दर्जन खनन कारोबारियों के ऑफिस दफ्तर और पत्थर खदानों पर छापे की कार्रवाई की जा रही है.

Continues below advertisement

आईटी टीम समाजवादी पार्टी के नेता इश्तियाक खान और उससे जुड़े हुए अन्य सहयोगियों की कुंडली खंगालने में जुट हुई है. पिछले तीन दिनों से आयकर विभाग की टीम जिले के आधा दर्शन से ज्यादा खनन व्यवसायियों के आवास-ऑफिस और साइट पर अहम दस्तावेजों की परत दर परत खोल रही है. पहली बार पत्थर खदान में ड्रोन कैमरे से मैपिंग की जा रही है. आयकर विभाग की टीम ड्रोन कैमरे से निगरानी कर खदानों में कितनी मात्रा में अवैध खनन किया गया और इस अवैध खनन से हासिल धन का किन-किन जगहों पर प्रयोग किया गया इसकी परत उधेड़ने में लगी है.

गायत्री प्रजापति के नजदीकी थे इश्तियाक खान

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता इश्तियाक खान का लिंक सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति से सीधे रहा है. सूत्रों की माने तो उस वक्त अवैध खनन से जो धन मिलता था उसे इस्तियाक खान के द्वारा लखनऊ पहुंचाया जाता था. उसके बदले जितना MM 11 का दुरुपयोग  करना होता था. इश्तियाक और उसके सहयोगी सपा नेताओं के द्वारा किया जा रहा है.

Continues below advertisement

डुप्लीकेट पेपर का होता था इस्तेमाल

समाजवादी पार्टी के सरकार में इश्तियाक खान के द्वारा MM 11 का डुप्लीकेट पेपर बनाकर भेजा जाता था. इसका प्रमाण यह है कि पिछले 5 से 6 सालों में इश्तियाक खान के ऊपर अवैध परिवहन ,अवैध खनन और जमीन कब्जा करने संबंधी कई मुकदमे दर्ज है.