पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व बीजेपी सांसद स्मृति ईरानी ने अमेठी से अपने रिश्ते को और मजबूत कर लिया है. उन्होंने यूपी में हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में अमेठी विधानसभा क्षेत्र से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा लिया है. इस कदम को अमेठी से उनके राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है. 

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स्मृति ईरानी को लेकर लंबे समय से यह चर्चा हो रही थी कि 2024 का चुनाव हारने के बाद वो अमेठी छोड़ चुकी हैं. लेकिन, अब एसआईआर प्रक्रिया में नाम जुड़वाकर उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है. मंगलवार को जारी एसआईआर की ड्राफ्ट सूची में स्मृति ईरानी का नाम भी दर्ज पाया गया. 

निर्वाचन विभाग के अनुसार, स्मृति ईरानी का नाम गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई ग्राम पंचायत में मतदाता के रूप में शामिल किया गया है. वह कम्पोजिट विद्यालय लीला टिकरा के मेदन मवई मतदान केंद्र पर पंजीकृत मतदाताओं की सूची में शामिल हैं, जहां कुल 666 मतदाता दर्ज हैं. इस सूची में स्मृति ईरानी का नाम क्रमांक 514 पर अंकित है.

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अमेठी की वोटर बनीं स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानी ने वर्ष 2021 में अमेठी जनपद के मेदन मवई गांव में 11 बिस्वा भूमि खरीदी थी. 22 फरवरी 2021 को उन्होंने इस भूमि की रजिस्ट्री कराई थी. इसके बाद 29 जुलाई 2021 को उनके पुत्र जोहर ईरानी ने विधिवत भूमि पूजन कर आवास निर्माण की आधारशिला रखी. निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद 22 फरवरी 2024 को स्मृति ईरानी ने इस आवास में गृह प्रवेश किया था. तभी से उनका अमेठी में नियमित आना-जाना बना हुआ है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एसआईआर में स्मृति ईरानी का नाम जुड़वाना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक संकेत भी छिपे हो सकते हैं. अमेठी लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी स्मृति ईरानी का क्षेत्र से भावनात्मक जुड़ाव पहले से रहा है. वर्ष 2019 में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराकर अमेठी सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. हालांकि 2024 में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. 

अमेठी में इतने वोटरों के नाम कटे

जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर 2026 की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें लाखों मतदाताओं के नाम जोड़े और हटाए गए हैं. इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में अमेठी जनपद में करीब 2.67 लाख नामों में संशोधन किया गया है. इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, जबकि मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक चर्चा स्मृति ईरानी के नाम जुड़ने को लेकर रही.

स्मृति ईरानी पर बीजेपी ज़िलाध्यक्ष का बयान

अमेठी में बीजेपी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि स्मृति ईरानी हमेशा हम लोगों के साथ रही है और आगे भी रहेगी. वोटर लिस्ट में उनका नाम चौंकाने वाला नहीं है. यह तो बीजेपी नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के विश्वास की जीत है. स्मृति ईरानी अमेठी की स्थाई निवासी हैं. अमेठी के प्रति उनका स्नेह और प्यार अनवरत चल रहा है. 

स्थानीय लोगों के बीच भी इस खबर को लेकर चर्चा तेज है. कुछ लोग इसे स्मृति ईरानी की अमेठी में सक्रिय वापसी के संकेत के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे उनके निजी आवास और स्थायी मतदाता अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं. वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. 

 इनपुट- लोकेश त्रिपाठी