यूपी बोर्ड ने प्रदेश के 896 शिक्षकों को 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा से डिबार कर दिया है. डिबार किए गए इन शिक्षकों की सूची सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेज दी गई है. राज्य में 24 जनवरी से इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिनमें डिबार शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगेगी. 

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यूपी बोर्ड द्वारा डिबार किए गए शिक्षकों की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं लगेगी. इन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की भी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. बोर्ड ने जिन शिक्षकों को डिबार किया है उनमें सबसे ज्यादा प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय में आने वाले जिलों से हैं. 

यहां सबसे ज्यादा डिबार हुए शिक्षक

प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय में आने वाले जिलों में सर्वाधिक 241 परीक्षकों को डिबार किया है. इसके बाद वाराणसी में 217 शिक्षक, मेरठ 204, गोरखपुर 121, जबकि बरेली में 113 शिक्षक डिबार किए गए हैं. वहीं प्रयागराज के 70 शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें यूपी बोर्ड ने परीक्षा कार्यों से आजीवन के लिए डिबार कर दिया है. 

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परीक्षाओं में नहीं लगेगी ड्यूटी

इनमें कुछ शिक्षक ऐसे थे जिन्हें 2025 तक की परीक्षा के लिए डिबार किया गया था. लेकिन, इस बार बोर्ड परीक्षा में उनकी ड्यूटी लगेगी. जबकि कुछ 2026 तक तो कुछ अन्य 2027 तक की परीक्षा से डिबार किए गए हैं. 

इससे पहले मंगलवार को प्रयागराज में यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की भी बैठक हुई, जिसमें प्रशासनिक और परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए हैं. इस बैठक में आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को बेहतर करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया. 

उपसचिव संजय कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि परीक्षा नियंत्रक से अपेक्षा की गई है कि वो भर्तियों को लेकर नए मानकों की प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार करे और आगामी बैठक में प्रस्तुत करे. आयोग ने सभी पत्रावलियों और अभिलेखों के डिजिटलीकरण का भी निर्णय लिया है. जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और काम की प्रक्रिया में तेजी आएगी.

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